केन्द्रीय पूल में चावल एवं गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद

18-Sep-2025 10:44 AM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक सितम्बर 2025 के आरंभ में गत वर्ष के मुकाबले 14 प्रतिशत बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जबकि गेहूं का स्टॉक भी बढ़कर पिछले चार साल के ऊंचे स्तर पर पहुंचा। किसानों से धान एवं गेहूं की भारी खरीद के कारण स्टॉक में बढ़ोत्तरी हुई है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 सितम्बर को केन्द्रीय पूल में 482 लाख टन चावल का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद था जिसमें धान की वह मात्रा भी शामिल है जिसकी कस्टम मिलिंग से खाद्य निगम को राइस मिलर्स से चावल प्राप्त होना है।

प्रचलित नियम के अनुसार 1 जुलाई को सरकार के पास कम से कम 135 लाख टन चावल का स्टॉक अवश्य होना चाहिए जबकि वास्तविक स्टॉक इससे बहुत ज्यादा है। अगले महीने से इसमें और भी इजाफा होने की उम्म्मीद है। 

इसी तरह 1 सितम्बर 2025 को सरकारी गोदामों में 333 लाख टन गेहूं का विशाल स्टॉक उपलब्ध था जो इस समय के लिए न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा 276 लाख टन से काफी अधिक था।

लेकिन इसके बावजूद सरकार ने अभी तक खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के माध्यम से अपने स्टॉक से गेहूं बेचना आरंभ नहीं किया है। 

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक चावल का निर्यात बढ़ रहा है और इस वर्ष देश से इसका रिकॉर्ड शिपमेंट होने की उम्मीद है। पिछले सीजन में धान-चावल की शानदार खरीद होने से सरकारी स्टॉक काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

सरकार सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के व्यापारिक निर्यात पर लगे प्रतिबंधों-नियंत्रणों एवं सीमा शुल्क को पहले ही समाप्त कर चुकी है।

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन को उम्मीद है कि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान भारत से चावल का निर्यात करीब 25 प्रतिशत  उछलकर 225 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। इसमें बासमती चावल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।