केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक बढ़कर 590 लाख टन के ऊपर पहुंचा

23-May-2025 04:27 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक बढ़कर 590 लाख टन  से ऊपर पहुंच गया है जो बफर नॉर्म यानि न्यूनतम आवश्यक मात्रा से करीब चार गुना ज्यादा है।

हालांकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), एथनॉल निर्माण, भारत चावल तथा खुले बाजार बिक्री योजना के मद में चावल की भारी निकासी हुई लेकिन फिर भी इसका स्टॉक बढ़ता रहा।

धान की शानदार पैदावार एवं अच्छी सरकारी खरीद होने से चावल का स्टॉक काफी सुविधाजनक स्तर पर पहुंच गया। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न योजनाओ एवं कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से 46.30 लाख टन चावल को रियायती मूल्य पर बाजार में उतारा गया।

इसके बावजूद केन्द्रीय पूल में फिलहाल 590 लाख टन से अधिक चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है जो न्यूनतम आवश्यक मात्रा से करीब 4 गुना ज्यादा है नियमानुसार 1 जुलाई को केन्द्रीय पूल में कम से कम 135.40 लाख टन चावल का स्टॉक मौजूद रहना चाहिए।

खाद्य निगम के पास अभी जो स्टॉक मौजूद है उसमे 210 लाख टन चावल के समतुल्य धान की मात्रा भी शामिल है जिसकी कस्टम मिलिंग से खाद्य निगम को चावल प्राप्त होना है निगम के पास 380 लाख टन से ज्यादा मिल्ड चावल का स्टॉक अभी उपलब्ध है। 

मोटे अनुमान के अनुसार सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत करीब 360 लाख टन चावल की आपूर्ति की जाती है जबकि उसकी वार्षिक खरीद 500 लाख टन से भी ज्यादा होती है इसलिए स्टॉक निरंतर बढ़ता रहता है।

खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद पहले ही समाप्त हो चुकी है और अभी रबी कालीन फसल की खरीद हो रही है। अक्टूबर 2025 से पुनः खरीफ कालीन धान की नई खरीद शुरू हो जाएगी।

तीन चार माह पूर्व स्टॉक के भंडारण का संकट उत्पन्न हुआ था मगर अब मामला सुलझ गया है और इसलिए चावल के अधिशेष स्टॉक भंडारण ठीक तरीके से हो रहा है।