केन्द्रीय पूल में गत वर्ष से 127.46 लाख टन अधिक खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद

15-Sep-2025 06:22 PM

नई दिल्ली। बेहतर सरकारी खरीद के कारण इस वर्ष केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक काफी ऊंचा है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में दूर-दूर तक कोई समस्या नहीं है। अगले महीने (अक्टूबर) से खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है जिससे चावल का स्टॉक आगामी महीनों में नियमति रूप से बढ़ता जाएगा जबकि सरकार के पास पहले से ही इसका विशाल भंडार मौजूद है। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक भी काफी ऊंचा है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 सितम्बर को केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का कुल स्टॉक 702.03 लाख टन का था जो 1 अगस्त 2025 के स्टॉक 726.33 लाख टन से 24.30 लाख टन कम मगर 1 सितम्बर 2024 के स्टॉक 574.57 लाख टन से 127.46 लाख टन ज्यादा था।

सितम्बर 2024 की तुलना में सितम्बर 2025 के आरंभ में चावल का स्टॉक 45.95 लाख टन एवं गेहूं का स्टॉक 81.51 लाख टन ज्यादा था। आंकड़ों के लिहाज से चावल का स्टॉक 323.11 लाख टन से बढ़कर 369.06 लाख टन तथा गेहूं का स्टॉक 251.44 लाख टन से उछलकर 332.97 लाख टन पर पहुंच गया। 

इसी तरह समीक्षाधीन अवधि में धान का स्टॉक 148.22 लाख टन से बढ़कर 169.02 लाख टन तथा मोटे अनाजों का स्टॉक 3.66 लाख टन से सुधरकर 4.31 लाख टन पर पहुंचा। 

राष्ट्रीय स्तर पर धान का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 430.06 लाख हेक्टेयर से 8.45 लाख हेक्टेयर उछलकर इस बार 438.51 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

अधिशेष वर्षा एवं क्षेत्रीय स्तर पर बाढ़ की विभीषिका के बावजूद धान-चावल के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। सरकार ने चावल की खरीद का लक्ष्य कुछ छोटा कर दिया है जिससे खुले बाजार के लिए इसका अधिक स्टॉक मौजूद रहेगा। सरकारी गेहूं बेचने के लिए अभी तक ओएमएसएस प्रभावी नहीं हुआ है।