कपास के उत्पादन में तेलंगाना तीसरे नम्बर पर बरकरार

07-Feb-2025 03:31 PM

वारंगल । गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना देश में कपास का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बना हुआ है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में कपास का उत्पादन 2023-24 के सीजन में घटकर 50.80 लाख गांठ पर अटक गया जो 2022-23 सीजन के उत्पादन 57.45 लाख गांठ से कम मगर 2021-22 सीजन के उत्पादन 48.78 लाख गांठ से कुछ अधिक रहा।

कपास की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है। राज्य में 2024-25 के वर्तमान सीजन में भी कपास का अच्छा उत्पादन हुआ है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2023-24 के सीजन में गुजरात कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बना रहा जहां कुल उत्पादन बढ़कर 90.57 लाख गांठ पर पहुंच गया।

इससे पूर्व वहां 2022-23 के सीजन में 87.95 लाख गांठ तथा 2021-22 में 75.09 लाख गांठ का उत्पादन हुआ था। दूसरे नम्बर पर चल रहे महाराष्ट्र में कपास का उत्पादन 2021-22 के सीजन में 82.49 लाख गांठ पर पहुंचा था जो 2022-23 के सीजन में कुछ सुधरकर 83.16 लाख गांठ पर पहुंचने के बाद 2023-24 के सीजन में गिरकर 80.46 लाख गांठ पर अटक गया। 

मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 के सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर कुल 325.22 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ जबकि 2024-25 के वर्तमान सीजन में यह घटकर 300 लाख गांठ से भी नीचे रह जाने की संभावना है।

उपरोक्त प्रांतों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु एवं उड़ीसा जैसे राज्यों में भी कपास का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। उड़ीसा को छोड़कर अन्य सभी 10 प्रांतों में बीटी कॉटन की खेती होती है।

2023-24 के मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर 32.84 लाख गांठ रूई की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से की गई और इसमें से अधिकांश भाग की बिक्री भी हो गई।

2024-25 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन में 86 लाख गांठ से अधिक रूई की सरकारी खरीद हो चुकी है जबकि कई क्षेत्रों में खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है।