कर्नाटक की वजह से चावल की खरीद के लक्ष्य में बढ़ोत्तरी
04-Feb-2025 08:31 PM
नई दिल्ली । कर्नाटक सरकार ने केन्द्र को सूचित किया था कि राज्य में केन्द्रीय पूल के लिए पहले मात्र 1.50 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जबकि वास्तविक खरीद 5 लाख टन तक पहुंच सकती है। राज्य सरकार द्वारा अभी एक चावल की कोई खरीद नहीं की गई है।
राज्य सरकार के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए केन्द्र ने वहां खरीद की स्वीकृति प्रदान करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर चावल की कुल खरीद का लक्ष्य 492.11 लाख टन से बढ़ाकर अब 495.61 लाख टन निर्धारित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब तथा हरियाणा सहित अन्य उत्तरी राज्यों में धान की सरकारी खरीद पहले ही समाप्त हो चुकी है और अब भारतीय खाद्य निगम को राइस मिलर्स की ओर से कस्टम मिल्ड चावल की आपूर्ति भी होने लगी है।
तेलंगाना, छत्तीसगढ़ तथा गुजरात जैसे राज्यों में खरीद की प्रक्रिया चालू माह में समाप्त हो जाएगी। उड़ीसा भी इसमें शामिल है।
पंजाब में धान के समतुल्य चावल की सरकारी खरीद 2023-24 सीजन के 124.31 लाख टन से 6.4 प्रतिशत घटकर 2024-25 के सीजन में 116.31 लाख टन तथा हरियाणा में 39.49 लाख टन से गिरकर 35.99 लाख टन पर अटक गई।
मालूम हो कि इस बार पंजाब में 124 लाख टन तथा हरियाणा में 40 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य नियत किया गया था।
छत्तीसगढ़ में चावल की सरकारी खरीद 31 जनवरी 2025 तक बढ़कर 70 लाख टन पर पहुंच गई जो पिछले साल की समान अवधि की खरीद 60.97 लाख टन से करीब 15 प्रतिशत अधिक रही।
वहां किसानों को धान के लिए 2325 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है।
पिछले सीजन में खाद्य निगम को वहां राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त मात्रा में खरीदे गए चावल का स्टॉक भी स्वीकार करना पड़ा था जिससे इसकी कुल अंतिम मात्रा 83 लाख टन पर पहुंच गई थी।
तेलंगाना में चावल की सरकारी खरीद पिछले सीजन के 31.65 लाख टन से 13 प्रतिशत बढ़कर इस बार 35.74 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 33.96 लाख टन से 7 प्रतिशत बढ़कर 36.22 लाख टन तथा मध्य प्रदेश में 28.23 लाख टन से 3 प्रतिशत सुधरकर 29.16 लाख टन पर पहुंच गई।
