कॉर्पोरेट सेक्टर द्वारा ऑयल पाम की खेती में अच्छी दिलचस्पी
04-Aug-2026 07:13 PM
हैदराबाद। खाद्य तेलों और खासकर पाम तेल के बढ़ते वैश्विक बाजार भाव से भारत में इसका लागत खर्च काफी ऊंचा उठता जा रहा है और स्थानीय प्रोसेसिंग इकाइयों को आयात की मात्रा को रेग्युलेट करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसके फलस्वरूप अब स्वदेशी स्रोतों से तिलहन तेल का उत्पादन बढ़ाने की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस जरूरत को देखते हुए कॉर्पोरेट सेक्टर सक्रिय हो गया है। खबर यह है कि पिछले दो वर्षों के दौरान पाम तेल के घरेलू उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। कॉर्पोरेट क्षेत्र की कुछ विख्यात कंपनियां- ओवरेज एग्रोवेट, पतंजलि फूड्स तथा 3 एफ ऑयल पाम आदि पाम बागानों का विकास विस्तार करने में भारी दिलचस्पी दिखा रही हैं। ऑयल पाम के बागानी क्षेत्र का विकास विस्तार तीन पक्षों- सरकार, किसान एवं कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच निर्मित एक मॉडल के माध्यम से किया जा रहा है।
केन्द्र सरकार द्वारा 11,040 करोड़ रुपए के वित्तीय सहयोग के साथ कुल किए गए नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स- ऑयल पाम मिशन के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों के दौरान करीब 3 लाख हेक्टेयर में ऑयल पाम के बागान लगाए गए हैं जबकि इसका लक्ष्य 6.50 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
पाम के ये व्यावसायिक बागान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़, गुजरात एवं त्रिपुरा जैसे राज्यों में लगाए गए हैं। सरकार और बड़ी-बड़ी कम्पनियां नए पाम बागानों के लिए भरपूर प्रयास का रही हैं और इसके परिणामस्वरूप आगामी वर्षों से पाम तेल के घरेलू उत्पादन में काफी वृद्धि हो सकती है।
