केंद्रीय पूल में अनाजों की स्तिथि और आगामी योजनाएं
06-Feb-2025 10:52 AM
केंद्रीय पूल में अनाजों की स्तिथि और आगामी योजनाएं
★ सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए खाद्य सब्सिडी व्यय का अनुमान रुपए 2.03 लाख करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में केवल 3% अधिक है।
★ सरकारी सूत्रों के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में भी अतिरिक्त चावल को राज्यों को बेचने और एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित करने जैसी रणनीतियों के माध्यम से खाद्य सब्सिडी को नियंत्रित किया जाएगा।
खाद्य मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार:
★ राज्य सरकारें और उनकी एजेंसियां 12 लाख टन चावल खरीद सकती हैं।
★ एथेनॉल डिस्टिलरियों को 24 लाख टन चावल रुपए 2,250 प्रति क्विंटल की रियायती दर पर खरीदने की अनुमति दी गई है, जो पहले रुपए 2,800 प्रति क्विंटल थी।
★ सरकारी सूत्रों के अनुसार OMSS के तहत खुले बाजार में बिक्री जारी रहेगी, जिससे अनाज भंडारण की लागत को कम किया जा सकेगा।
★ 2024-25 में चावल की हैंडलिंग लागत रुपए 39.75 प्रति किलो (2023-24 में रुपए 39.31 प्रति किलो) और गेहूं की रुपए 27.74 प्रति किलो (2023-24 में रुपए 27.09 प्रति किलो) आई।
★ भारतीय खाद्य निगम हर साल प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत 360-380 लाख टन चावल और 180-200 लाख टन गेहूं वितरित करता है, जबकि कुल खरीद 750 लाख टन से अधिक रही।
★ FCI के केंद्रीय पूल स्टॉक में 496.9 लाख टन अनाज उपलब्ध जिसमें 334 लाख टन चावल और 162.8 लाख टन गेहूं शामिल है।
★ इसके अलावा 34 लाख टन चावल मिलर्स से प्राप्त होने वाला है। यह भंडार 1 जनवरी के लिए आवश्यक बफर स्टॉक 214.1 लाख टन से काफी अधिक।
★ सरकार की प्राथमिकता अतिरिक्त अनाज भंडारण की लागत को कम करना और खाद्य सब्सिडी पर नियंत्रण बनाए रखना है। खुले बाजार में गेहूं-चावल की बिक्री, एथेनॉल उत्पादन के लिए चावल का उपयोग और लाभार्थियों को मुफ्त अनाज वितरण योजना को संतुलित करने की रणनीति अपनाई जा रही है। ★ इससे वित्तीय दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, भले ही MSP में वृद्धि जारी रहे।
