खरीफ फसलों का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से ऊपर पहुंचा

09-Sep-2025 11:46 AM

नई दिल्ली। मानसून की बेहतर बारिश के कारण मौजूदा वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से और साथ ही साथ पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से भी ऊपर पहुंच गया है। लेकिन बिजाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

पिछले सप्ताह 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों की बिजाई हुई जबकि उससे पूर्ववर्ती सप्ताह में 19 लाख हेक्टेयर में बिजाई हुई थी। इसके फलस्वरूप 1 अगस्त तक गत वर्ष के मुकाबले उत्पादन क्षेत्र 5 प्रतिशत आगे चल रहा था जो 5 सितम्बर को गिरकर 2.5 प्रतिशत ही आगे रह सका। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 5 सितम्बर तक बढ़कर 1105.42 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 1078.49 लाख हेक्टेयर तथा सामान्य औसत क्षेत्रफल 1097 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।

आधिकारिक आंकड़ों से ज्ञात होता है कि इस बार धान, अरहर (तुवर), मक्का, मूंगफली एवं गन्ना का उत्पादन क्षेत्र सामान्य औसत से आगे निकल गया। 

पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 418.66 लाख हेक्टेयर से 4.7 प्रतिशत बढ़कर 438.28 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर तथा दलहनों का बिजाई क्षेत्र 114.46 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 116.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

दलहन फसलों के संवर्ग में उड़द का उत्पादन क्षेत्र 21.33 लाख हेक्टेयर से 9.5 प्रतिशत बढ़कर 23.35 लाख हेक्टेयर तथा मूंग का बिजाई क्षेत्र 34.09 लाख हेक्टेयर से 0.4 प्रतिशत सुधरकर 34.22 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा

लेकिन तुवर का क्षेत्रफल 45.71 लाख हेक्टेयर से 1.1 प्रतिशत गिरकर 45.19 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। मोटे अनाजों का रकबा 179.62 लाख हेक्टेयर से 6.7 प्रतिशत बढ़कर 191.71 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 192.21 लाख हेक्टेयर से 2.7 प्रतिशत गिरकर 186.98 लाख हेक्टेयर रह गया।