खरीफ फसलों का उत्पादन गत वर्ष के आसपास ही रहने का अनुमान

17-Sep-2025 08:50 PM

नई दिल्ली। भारत में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान खाद्यान्न का सकल उत्पादन गत वर्ष के 16.80 करोड़ टन के आसपास ही होने की संभावना है। हालांकि धान, मोटे अनाज तथा दलहनों के क्षेत्रफल में इजाफा हुआ है लेकिन पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भारी वर्षा एवं बाढ़ से फसलों को काफी क्षति हुई है इसलिए उत्पादन में बढ़ोत्तरी की संभावना क्षीण पड़ गई है।

विभिन्न फसलों की उपज दर का आंकलन करने के लिए सरकार उपग्रह से प्राप्त चित्र का उपयोग करेगी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसल बीमा के दावे का निस्तारण तेज गति से किया जाएगा।

उधर मौसम विभाग ने कहा है कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 15 सितम्बर के बीच देश में 853 मि०मी० वर्षा हुई जो इसके दीर्घकालीन औसत की तुलना में 107.2 प्रतिशत रही। 

केन्द्रीय कृषि सचिव के अनुसार कुछ राज्यों में अधिशेष वर्षा एवं स्थानीय बाढ़ से धान, दलहन तथा तिलहन फसलों को नुकसान हुआ है लेकिन फिर भी खरीफ फसलों का कुल उत्पादन पिछले साल से कम नहीं होगा क्योंकि इस बार क्षेत्रफल में इजाफा हुआ है।

कुल मिलाकर स्थिति यह है कि प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को क्षति हुई है मगर उसकी उत्पादकता पर कोई गहरा असर नहीं पड़ा है।

कृषि सचिव के अनुसार पहले वर्ष 2025-26 के दौरान खरीफ फसलों का बम्पर उत्पादन होने की उम्मीद की जा रही थी मगर अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। फिर भी कुल उत्पादन गत वर्ष के आसपास अवश्य रह सकता है। 

दरअसल पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी हो चुकी है लेकिन फिर भी देश के कुछ भागों में भारी वर्षा का दौर अभी जारी है इसलिए खरीफ फसलों पर खतरा बरकरार है। खरीफ उत्पादन का निश्चित अनुमान लगाना फिलहाल कठिन हो रहा है। महाराष्ट्र से फसलों के बारे में निराशाजनक खबरे मिल रही हैं। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान देश में कुल 35.395 करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ जिसमें 16.80 करोड़ टन का खरीफ कालीन उत्पादन भी शामिल था। शेष उत्पादन रबी एवं जायद सीजन में हुआ।