खाद्य उत्पादों के निर्यात में अच्छी प्रगति के संकेत

18-Sep-2025 06:12 PM

मुम्बई। अच्छी क्वालिटी, प्रतिस्पर्धी कीमत तथा पर्याप्त हाजिर स्टॉक के साथ भारत से महत्वपूर्ण खाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं जिसमें बासमती चावल, सामान्य (मोटे) चावल, दलहन, मूंगफली, ग्वार गम, काजू, मोटे अनाज, मिल्ड उत्पाद आदि शामिल है। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी अच्छी मांग बनी हुई है। 

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष के आरंभिक चार महीनों में यानी अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान देश में चावल का सकल निर्यात बढ़कर 67 लाख टन से ऊपर पहुंच गया

जिसमें 22,47,206 टन बासमती चावल तथा 44,76,634 टन गैर बासमती चावल का शिपमेंट शामिल था। खाड़ी क्षेत्रों के देशों में बासमती चावल तथा अफ्रीकी देशों में सामन्य चावल की जोरदार मांग बनी रही।

आगे भी इसका निर्यात बेहतर होने की उम्मीद है क्योंकि निर्यात ऑफर मूल्य आकर्षक स्तर पर होने तथा डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर काफी नीचे रहने से भारतीय चावल की खरीद में विदेशी आयातकों की भारी दिलचस्पी बनी हुई है भारत में चावल का पर्याप्त निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद है जबकि जल्दी ही नया चावल भी मंडियों में प्रवेश करने लगा है। 

एपीडा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के शुरूआती चार महीनों में देश से 3,07,599 टन दाल दलहनों का निर्यात हुआ। निकटवर्ती पड़ोसी देशों एवं पश्चिम एशिया के खरीदारों का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है

जबकि यहां दलहनों का सबसे ज्यादा आयात भी होता है मगर भारत से दुनिया के कई देशों को सीमित मात्रा में दाल-दलहन का निर्यात भी किया जाता है। 

इसके अलावा अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान भारत से 2,58,362 टन मूंगफली, 1,90,986 टन ग्वार गम, 10,421 टन प्रसंस्कृत काजू कर्नेल, 9325 टन काजू नट शेल लिक्विड, 2,22,187 टन अन्य अनाज (चावल और गेहूं को छोड़कर), 89,279 टन मिल प्रोडक्ट्स एवं 349 टन गेहूं का निर्यात शिपमेंट किया गया। गेहूं के व्यापारिक निर्यात पर वर्ष 2022 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है मगर सरकारी स्तर पर इसका थोड़ा-बहुत शिपमेंट हो जाता है।