खाद्यान्न का सरकारी स्टॉक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

17-Jun-2026 11:26 AM

नई दिल्ली। 2025-26 के खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान धान तथा गेहूं की अच्छी खरीद होने तथा पिछला बकाया स्टॉक भी ऊंचा रहने से सरकारी गोदामों में खाद्यान्न का कुल स्टॉक बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1 जून 2026 को केन्द्रीय पूल में करीब 12.20 करोड़ टन खाद्यान्न का भंडार मौजूद था जिसे अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। यह स्टॉक चावल की सम्पूर्ण वार्षिक घरेलू खपत के समतुल्य है।

खाद्यान्न के इस विशालकाय स्टॉक के सहारे सरकार आगामी समय में घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह  सक्षम एवं सफल हो जाएगी। इस बार अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने की आशंका है जिससे देश में खरीफ कालीन फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जून 2026 को केन्द्रीय पूल में उपलब्ध 1226.40 लाख टन खाद्यान्न के कुल स्टॉक में 683.40 लाख टन चावल, 534.10 लाख टन गेहूं तथा 9 लाख टन मोटे अनाज की मात्रा शामिल है। जहां तक चावल की बात है तो उसमें 287 लाख टन चावल के समतुल्य धान का स्टॉक भी सम्मिलित है।

2025-26 के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून सहित अन्य तमाम सरकारी योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 560.90 लाख टन खाद्यान्न का उपयोग होने का अनुमान है जिसमें 381 लाख टन चावल तथा 179.90 लाख टन गेहूं की निकासी शामिल है।

यदि 2026-27 में भी खपत की यही स्थिति रही तो सरकार के पास खाद्यान्न का भारी-भरकम स्टॉक बचा रह सकता है जिससे खरीफ उत्पादन में आने वाली थोड़ी-बहुत गिरावट से खाद्यान्न के कुल अधिशेष स्टॉक पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।