मांग एवं आपूर्ति में संतुलन से चीनी में सीमित उतार-चढ़ाव
12-Sep-2025 07:58 PM
मुम्बई। चीनी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से सीमित उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिरता का माहौल बना हुआ है क्योंकि इसकी मांग एवं आपूर्ति के बीच काफी हद तक संतुलन देखा जा रहा है। चालू सप्ताह के आरंभ में बाजार 50-60 रुपए प्रति क्विंटल तेज हुआ था मगर ऊंचे दाम पर कारोबार में ठहराव आ गया।
सितम्बर के लिए 23.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा जारी किया गया है जिसे मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। यह कोटा अगस्त के मुकाबले एक लाख टन ज्यादा तथा सितम्बर 2024 के बराबर है। खरीदारों (बल्क) को चीनी के दाम में नरमी आने का इंतजार है जबकि मिलर्स कीमत घटाने के मूड में नहीं है।
अगले महीने से गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का नया सीजन आरंभ होने वाला है। स्थिति का आंकलन करने के बाद इस्मा ने 2025-26 सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए चीनी का सकल घरेलू उत्पादन 349 लाख टन होने का अनुमान लगाया है।
31 जुलाई को भी इतनी ही चीनी के उत्पादन का आरंभिक अनुमान लगाया गया था। इसमें से एथनॉल निर्माण के लिए कितनी चीनी का इस्तेमाल होगा- यह आगे पता चलेगा।
महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में गन्ना का बिजाई क्षेत्र बढ़ा है और फसल की हालत भी संतोषजनक बताई जा रही है जिससे गन्ना की औसत उपज दर तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में इजाफा होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश में गन्ना का क्षेत्रफल कुछ घटने की खबर है मगर फसल पर कीड़ों-रोगों का कोई खास प्रकोप नहीं है।
2024-25 की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान गन्ना तथा चीनी के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की संभावना से सभी सहमत है। सितम्बर की वर्षा पर सबका ध्यान केन्द्रित है।
यदि स्थिति सामान्य या अनुकूल रही तो अगला उत्पादन बेहतर हो सकता है। उद्योग के पास चीनी का पिछला स्टॉक काफी कम बचेगा इसलिए अगले सीजन में उत्पादन बढ़ना आवश्यक है।
