मगज-तरबूज - उत्पादन पूर्वानुमानों की तुलना में कम
18-Sep-2025 07:01 PM
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान में हालांकि मगज-तरबूज की बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन गत दिनों हुई अत्यधिक बारिश से फसल को नुकसान हुआ है। जिस कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि पैदावार गत वर्ष के बराबर ही होगी। बिजाई बढ़ने के कारण पूर्व में अनुमान लगाया जा रहा था कि पैदावार गत वर्ष की तुलना में 20/25 प्रतिशत अधिक रहेगी। लेकिन नुकसान होने के कारण उत्पादन गत वर्ष के लगभग 3 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 50/60 किलो) के आसपास ही रहने की संभावना है।
विकास उद्योग जोधपुर के श्री विकास सोनी का कहना है कि नए मालों की छिटपुट आवक शुरू हो गई है लेकिन आवक का दबाव दीपावली के आसपास ही बनेगा। हालांकि यह सच है कि चालू सीजन के दौरान सरकार ने मगज-तरबूज आयात की अनुमति नहीं दी है लेकिन नेपाल बॉर्डर के माध्यम से दो नम्बर में आयात हुआ है। इसके अलावा वर्ष 2024-25 के दौरान रिकॉर्ड आयात होने के कारण भी बाजार में आयातित मालों की सप्लाई बराबर बनी रही जिस कारण से भाव अधिक नहीं बढ़ पाए।
कीमतों में गिरावट
वर्तमान में मगज तरबूज के भाव मंदे के साथ बोले जा रहे हैं क्योंकि नई फसल को देखते हुए हाजिर में उठाव काफी कम रह गया है। इसके अलावा बाजार में सटोरियों की बराबर बिकवाली बनी हुई है जिस कारण से चालू माह के दौरान मगज-तरबूज की कीमतों में 50/60 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। मगर सूत्रों का कहना है कि अब मगज तरबूज की गिरती कीमतें रुकनी चाहिए। क्योंकि नवरात्रों एवं दशहरा, दीपावली का पर्व होने के कारण आगामी दिनों में लिवाली बढ़नी चाहिए। जिस कारण से भाव बढ़ने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
मन्दा-तेजी
वर्तमान में जोधपुर मंडी में 7 स्टार सूडान जम्बो का भाव 521 रुपए एवं 5 स्टार देसी का भाव 500 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जबकि दिल्ली बाजार में मगज-तरबूज सूडान का भाव 550 रुपए प्रति किलो चल रहा है। उल्लेखनीय है कि चालू माह के शुरू में जोधपुर में 7 स्टार सूडान जम्बो का भाव 580/585 रुपए एवं देसी का भाव 570 रुपए बोला जा रहा था जबकि दिल्ली बाजार में भाव 605 रुपए चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में मांग बढ़ने के साथ ही कीमतों में तेजी संभव है। क्योंकि उत्पादन पूर्वानुमानों की तुलना में कम रहने के अलावा हाल-फिलहाल आयात की भी कोई संभावना नहीं है। अगर सरकार आगामी दिनों में आयात की अनुमति देती है तो कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है।
स्टॉक
वर्ष 2024-25 के दौरान रिकॉर्ड आयात होने के कारण वर्तमान में आयातित मालों का स्टॉक 14/15 हजार टन होने के अनुमान है जबकि देसी मालों का स्टॉक 2/3 हजार टन माना जा रहा है।
आयात
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान मगज-तरबूज का रिकॉर्ड आयात 86273 टन का किया गया। जबकि वर्ष 2023-24 में आयात 35750 टन का हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2022-23 में आयात 65989 टन का आयात हुआ था जबकि वर्ष 2021-22 में आयात 20355 टन का रहा था।
