महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में तुवर के नए माल की छिटपुट आवक शुरू

27-Nov-2024 11:51 AM

कलबुर्गी । दोनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के साथ-साथ तेलंगाना में भी तुवर की नई फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो गई है और मंडियों में थोड़ी-बहुत मात्रा में इसका नया माल पहुंचने लगा है।

अगले दो-तीन सप्ताहों में इसकी जोरदार आवक शुरू होने की संभावना है क्योंकि तुवर की फसल कहीं पक रही है, कहीं परिपक्व (मैच्योर) हो रही है तो कहीं तेजी से प्रगति कर रही है। 

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के दुधानी एवं सोलापुर जैसी मंडियों में नई तुवर का भाव 9300 रुपए से लेकर 10,600 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक की कलबुर्गी में करीब 10,950 रुपए प्रति क्विंटल और रायचूर मंडी में 10,365 से 10551 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।

इसी तरह तेलंगाना की नारायण पेट मंडी में नई तुवर का दाम 10900/11,251 रुपए प्रति क्विंटल तथा तंदूर में 10,035 से 10,451 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा बताया जाता है। मंडियों में नई तुवर की आवक की अभी शुरूआती ही हुई है। 

इसके मुकाबले पुरानी तुवर का मूल्य कर्नाटक की बीदर मंडी में 8520/8835 रुपए प्रति क्विंटल तथा कलबुर्गी में 10,000/10,862 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है जबकि महाराष्ट्र के अकोला एवं अमरावती में यह 9500/10,400 रुपए प्रति क्विंटल के बीच है। विदेशों से आयातित लेमन तुवर की कीमत चेन्नई में 9500/9550 रुपए प्रति क्विंटल बताई जा रही है।

केन्द्र सरकार ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन हेतु तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7.90 प्रतिशत बढ़ाकर 7550 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि नई, पुरानी तथा आयातित तुवर का भाव इससे काफी ऊंचा चल रहा है।

इसके फलस्वरूप बफर स्टॉक के लिए सरकार को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुवर की खरीद करने में सफलता नहीं मिलेगी। उसे प्रचलित बाजार भाव पर इसकी खरीद करनी पड़ेगी।

सरकार को उम्मीद है कि नई फसल की जोरदार आवक शुरू होने पर कीमतों में कुछ नरमी आएगी। दिसम्बर-जनवरी में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि घरेलू फसल के साथ-साथ म्यांमार एवं अफ्रीकी देशों से नियमित आयात का दबाव भी बरकरार रहेगा। तुवर में फिलहाल मांग मजबूत बनी हुई है।