महाराष्ट्र में 15 चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत

11-Apr-2025 06:13 PM

पुणे। महाराष्ट्र में चालू क्रशिंग सीजन के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ना के मूल्य का भुगतान नहीं करने वाली 15 चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

चीनी आयुक्त कार्यालय की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में राज्य की चीनी मिलों द्वारा 28,231 रुपए मूल्य का गन्ना खरीदा गया जिसमें से 26,799 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और चीनी मिलों पर अब 1432 करोड़ रुपए का बकाया मौजूद है। 

चूंकि महाराष्ट्र में गन्ना क्रशिंग का सीजन जल्दी ही समाप्त होने वाला है इसलिए अधिकारी सही समय पर किसानों को इसके मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहे हैं। नियमानुसार चीनी मिलों  को गन्ना प्राप्ति के बाद 14 दिनों के अंदर किसानों को उसके मूल्य का भुगतान करना आवश्यक है।

यदि वे ऐसा करने में असफल रहती हैं तो चीनी आयुक्त कार्यालय उसे रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (आरआरसी) जारी कर सकता है जिससे अधिकारियों को उस मिल के पास मौजूद चीनी के स्टॉक की नीलामी करके बकाया राशि की रिकवरी करने की अनुमति मिल जाती है। इसके फलस्वरूप चीनी मिलों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

यद्यपि लम्बे समय से आमतौर पर चीनी का भाव काफी ऊंचे स्तर पर बरकरार है लेकिन इसके बावजूद कई इकाइयां वित्तीय रूप से संघर्ष कर रही है क्योंकि गन्ना की भारी कमी के कारण उसे अपनी पूरी क्रशिंग क्षमता का इस्तेमाल करने का अवसर नहीं मिल सका।

2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान महाराष्ट्र में कुल 200 इकाइयों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हुई थी जिसमें से 105 मिलों ने गन्ना मूल्य बकाए के 100 प्रतिशत का भुगतान कर दिया है।

इसके अलावा 50 प्लांटों ने 80 से 100 प्रतिशत तथा 30 मिलों ने 60 से 80 प्रतिशत बकाए का भुगतान किया है। 14 मिलों ने 40 प्रतिशत से भी कम बकाए का भुगतान (निस्तारण) किया है।

इन मिलों पर बकाया राशि का यथाशीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। यदि भुगतान नहीं हुआ तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।