महाराष्ट्र में 175 चीनी मिलों के लिए गन्ना की क्रशिंग का लाइसेंस जारी
27-Nov-2024 04:27 PM
पुणे । विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग जोर पकड़ने लगी है। चीनी आयुक्त कार्यालय द्वारा राज्य में अब तक 175 चीनी मिलों को गन्ना की क्रशिंग शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी किया गया है जबकि 25 से ज्यादा मिलों को अभी लाइसेंस जारी होने का इंतजार है।
यद्यपि महाराष्ट्र में चीनी मिलों को 15 नवम्बर से ही अपनी गतिविधि आरंभ करने की अनुमति दी गई थी लेकिन चुनाव के कारण शुरूआती दौर में इसकी रफ्तार धीमी रही।
समझा जाता है कि 75 से ज्यादा की मिल के मालिक भी चुनाव लड़ रहे थे जिसमें से कुछ को जीत भी मिली जबकि अन्य को हर का सामना करण पड़ा। अब सारी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
चालू सीजन के दौरान महाराष्ट्र में कुल 207 चीनी मिलों ने क्रशिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है जिसमें से 175 इकाइयों को लाइसेंस पहले ही मिल चुका है और 9 मिलों के आवेदन पर अभी विचार किया जा रहा है। 12 इकाइयां आवश्यक शर्तों को पूरा करने में विफल रही है इसलिए इसे दोबारा आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है।
क्रशिंग लाइसेंस हासिल करने में प्राइवेट क्षेत्र की चीनी मिलें सहकारी मिलों से आगे है। अब तक सहकारी क्षेत्र की 83 एवं प्राइवेट क्षेत्र की 92 चीनी में लाइसेंस हासिल का चुकी हैं।
25 नवम्बर 2024 तक महाराष्ट्र में सहकारी क्षेत्र की 29 एवं प्राइवेट क्षेत्र की 36 इकाइयों सहित कुल 65 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो गई थी। आगामी समय में इसकी संख्या बढ़ते जाने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र देश में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। वहां पहले गन्ना की क्रशिंग में बाधा पड़ने की आशंका थी क्योंकि मिलर्स ने कहा था कि यदि सरकार एथनॉल का दाम तथा चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य नहीं बढ़ाती है तो गन्ना की क्रशिंग में देर हो सकती है। अब मामला काफी हद तक सुलझ चुका है इसलिए चीनी मिलें भी क्रियाशील होने लगी है।
