महाराष्ट्र में खरीफ फसल का रकबा गत वर्ष से 2.29 लाख हेक्टेयर पीछे
09-Oct-2025 12:06 PM
मुम्बई। महाराष्ट्र में इस बार न केवल खरीफ फसलों की कुल बिजाई में कमी आई है बल्कि बाढ़-वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से इसे काफी नुकसान भी हुआ है। इसके फलस्वरूप राज्य में खरीफ उत्पादन घटने की आशंका है।
राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान महाराष्ट्र में 6 अक्टूबर तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 143.53 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 145.82 लाख हेक्टेयर से 2.29 लाख हेक्टेयर कम रहा। राज्य में खरीफ फसलों की बिजाई का अभियान समाप्त हो चुका है।
उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र में अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 32.48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 34.69 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर दलहनों, तिलहनों एवं कपास के बिजाई क्षेत्र में कमी आ गई।
अनाजी फसलों के संवर्ग में धान का उत्पादन क्षेत्र 15.19 लाख हेक्टेयर रहा जो गत वर्ष के क्षेत्रफल 15.21 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर ही है।
लेकिन मक्का का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के 11.22 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 14.53 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। दूसरी ओर वहां ज्वार का क्षेत्रफल 1.05 लाख हेक्टेयर से गिर कर 83 हजार हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 3.99 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.23 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। मक्का की खेती में किसानों ने जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई है।
दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 19.20 लाख हेक्टेयर से गिरकर 18.85 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। इसके तहत यद्यपि अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 12.23 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 12.26 लाख हेक्टेयर हो गया
लेकिन मूंग का बिजाई क्षेत्र 2.37 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.11 लाख हेक्टेयर, उड़द का क्षेत्रफल 3.89 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.78 लाख हेक्टेयर तथा अन्य दलहनों का रकबा 71 हजार हेक्टेयर से फिसलकर 69 हजार हेक्टेयर रह गया।
तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 51.59 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 49.95 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 1.48 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.37 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 38.53 लाख हेक्टेयर रह गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र में अत्यन्त भारी वर्षा एवं बाढ़ के प्रकोप से 68.70 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है।
