महाराष्ट्र में पंजाब से भेजे गए गेहूं में सेलेनियम का अंश पाया गया
06-Mar-2025 11:49 AM
बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में लोगों के सिर से अचानक बाल झड़ने एवं गायब होने का मामला जब प्रकाश में आया तब इसके कारणों की जांच-पड़ताल आरंभ हो गई।
डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों द्वारा किए गए तहकीकात से पता चला कि पंजाब से भेजे गए गेहूं में सेलेनियम का अंश मौजूद था और इस गेहूं का उपयोग करने वाले लोगों के बालों पर इसका असर पड़ा जिससे वे झड़ने लगे।
राज्य के विशेषज्ञों का इस मामले मिश्रित रिस्पांस सामने आया है। प्राप्त सूचना के अनुसार पंजाब तथा हरियाणा से सार्जनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से आपूरित गेहूं ही बुलढाणा जिले में बालों की समस्या का प्रमुख कारण बना।
इस गेहूं में उपस्थित सेलेनियम की वजह से लोगों से एलोपेसिया टोटालिस का अंश बढ़ गया जिससे बाल कमजोर होकर टूटने झड़ने लगे।
उल्लेखनीय है कि पंजाब-हरियाणा से देश के विभिन्न राज्यों में पीडीएस में वितरण के लिए गेहूं भेजा जाता है। इधर लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान के प्रमुख एवं अनुभवी विशेषज्ञों ने कहा है कि यह सही है कि पंजाब के कुछ खास भागों में भूमिजल (ग्राउंड वाटर) में ऊंची मात्रा में सेलेनियम पाया गया है।
होशियारपुर, नवां शहर एवं रोपड़ जिले में लगभग 1000 हेक्टेयर में सेलेनियम का अंश ज्यादा है लेकिन राज्य के अन्य इलाकों-मालवा, दोआब एवं माझा में सेलेनियम सामान्य अवस्था में पाया गया।
जिन इलाकों में सेलेनियम का ऊंचा अंश मौजूद है वहां उत्पादित गेहूं का सेवन करने वाले लोगों में गंजापन आने का मामला अभी संदिग्ध है और इसके बारे में आगे अनुसंधान जारी रखने की आवश्यकता है क्योंकि उत्पादक क्षेत्रों के लोग भी उस गेहूं का उपयोग करते हैं लेकिन वहां इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।
केवल सीमित अवधि में तथा कचित सेलेनियम के अंश वाले गेहूं का उपयोग करने से लोगों में गंजापन का लक्ष्य बढ़ना भी मुश्किल लगता है।
