महाराष्ट्र में रकबा घटने के कारण खरीफ उत्पादन घटने की आशंका

17-Sep-2025 03:52 PM

पुणे। महाराष्ट्र में इस वर्ष खरीफ फसलों का कुल बिजाई क्षेत्र 12 सितम्बर तक घटकर 145.80 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो पिछले साल की समान अवधि के क्षेत्रफल 147.73 लाख हेक्टेयर से 1.93 लाख हेक्टेयर कम है।

इससे उत्पादन में गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही थी मगर अब एक नई मुसीबत की वजह से वहां पैदावार में जोरदार कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दरअसल राज्य के अनेक जिलों में अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने तथा खेतों में लम्बे समय तक पानी जमा रहने से करीब 43 लाख एकड़ क्षेत्र में खरीफ फसलों के बर्बाद या क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिल रही है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र में धान का उत्पादन क्षेत्र 15.19 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 15.14 लाख हेक्टेयर, ज्वार का रकबा 1.06 लाख हेक्टेयर से गिरकर 84 हजार हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 4.01 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.25 लाख हेक्टेयर पर अटक गया

जबकि मक्का का क्षेत्रफल 11.21 लाख हेक्टेयर से उछलकर 14.53 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। मक्का की वजह से महाराष्ट्र में धान एवं मोटे अनाजों का कुल रकबा 32.48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 34.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

लेकिन दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 19.19 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 18.82 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके तहत अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र तो 12.22 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 12.24 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मूंग का रकबा 2.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.11 लाख हेक्टेयर और उड़द का क्षेत्रफल 3.89 लाख हेक्टेयर से गिरकर 3.78 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। अन्य दलहनों की बिजाई में भी कुछ कमी आई। 

तिलहन फसलों के संवर्ग में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 51.52 लाख हेक्टेयर से घटकर 49.74 लाख हेक्टेयर तथा मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 1.48 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.37 लाख हेक्टेयर रह गया। इसी तरह तिल और सूरजमुखी के क्षेत्रफल में भी गिरावट आई है।

तिल का रकबा 5 हजार हेक्टेयर से गिरकर 4 हजार हेक्टेयर तथा सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र 10 हजार हेक्टेयर से घटकर 7 हजार हेक्टेयर रह गया जबकि बिजाई की प्रकिया लगभग समाप्त हो चुकी है। इतना ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र में कपास का रकबा भी 40.82 लाख हेक्टेयर से घटकर 38.45 लाख हेक्टेयर रह गया है।