मक्का का मंडी भाव लुढ़कने से उत्पादक बेहद चिंतित
06-Nov-2025 04:59 PM
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में नए माल की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने तथा पॉल्ट्री एवं एथनॉल उद्योग में मांग कमजोर रहने से मक्का का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आ गया है।
इससे किसान बेहद चिंतित एवं परेशान हैं और सरकार से इसकी खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं। तेलंगाना सरकार ने इसकी पहल शुरू की है और 8 लाख टन की खरीद की घोषणा के साथ किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदना आरंभ कर दिया है।
केन्द्र सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के 2225 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जबकि इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का मॉडल मूल्य (जिस पर सर्वाधिक कारोबार होता है) विभिन्न मंडियों में 1600 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। ज्यादा नमी एवं हल्की क्वालिटी के मक्का का दाम घटकर नीचे में 1300 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर खरीफ कालीन मक्का का बिजाई क्षेत्र पिछले साल के करीब 10.50 लाख हेक्टेयर उछलकर इस बार सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे उत्पादन में जोरदार बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही थी
लेकिन अधिशेष वर्षा एवं भयंकर बाढ़ से कुछ क्षेत्रों में फसल को हुए नुकसान के कारण उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की संभावना क्षीण पड़ गई है। लेकिन फिर भी कुल उत्पादन गत वर्ष से बेहतर हो सकता है।
बेहतर आमदनी की उम्मीद से किसानों ने इस बार मक्का का क्षेत्रफल बढ़ाया मगर थोक मंडियों में कीमत बहुत नीचे होने से वे निराश-हताश हो रहे हैं। केन्द्र सरकार भी अपनी एजेंसियों के माध्यम से मक्का की खरीद के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दे रही है।
किसानों और खासकर छोटे-छोटे उत्पादकों को औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आगामी समय में मक्का की आपूर्ति एवं उपलब्धता और भी तेजी से बढ़ने की संभावना है। कमजोर बाजार भाव के कारण रबी कालीन मक्का का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से कुछ पीछे हो गया है।
