मक्का की वजह से घटा मोटे अनाजों का रकबा
26-Aug-2026 07:17 PM
नई दिल्ली। हालांकि पिछले साल के मुकाबले वर्तमान खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर ज्वार तथा बाजरा के बिजाई क्षेत्र में इजाफा हुआ है और स्मॉल मिलेट्स का रकबा गत वर्ष के लगभग बराबर ही है लेकिन मक्का तथा रागी के क्षेत्रफल में काफी गिरावट आने से मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 8.45 लाख हेक्टेयर घट गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान 21 अगस्त 2026 तक देश भर में मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र 176.36 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 179.81 लाख हेक्टेयर से 3.45 लाख हेक्टेयर कम रहा।
इसके तहत ज्वार का क्षेत्रफल 12.61 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 13.41 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 63.33 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 64.68 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। दूसरी ओर रागी का रकबा 6.60 लाख हेक्टेयर से गिरकर 4.81 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का उत्पादन क्षेत्र 93.30 लाख हेक्टेयर से घटकर 89.51 लाख हेक्टेयर रह गया। स्मॉल मिलेट्स का बिजाई क्षेत्र इस बार 3.95 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष 3.98 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था।
मक्का की बिजाई कम होने से किसी को कोई हैरानी नहीं हुई है क्योंकि इसके रकबे में गिरावट आने का अनुमान पहले से ही लगाया जा रहा था। बाजरा की बिजाई पहले राजस्थान में काफी पिछड़ रही थी लेकिन बाद में सुधर गई। दक्षिण भारत में रागी की खेती में किसानों द्वारा इस बार कम दिलचस्पी दिखाई जा रही है।
