मलेशियाई पाम तेल का निर्यात 13 प्रतिशत घटकर 11.68 लाख टन पर सिमटा
10-Feb-2025 12:41 PM
कुआलालम्पुर । सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं रेपसीड- कैनोला तेल के मुकाबले पाम तेल का भाव ऊंचा रहने से इसका निर्यात प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है।
इंडोनेशिया में बायोडीजल निर्माण में पाम तेल की विशाल मात्रा का इस्तेमाल होने लगा है इससे कीमतों में तेजी का माहौल बना हुआ है।
सरकारी संस्था- मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के नवीनतम मासिक आंकड़े से पता चलता है कि दिसम्बर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 के दौरान मलेशिया में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का उत्पादन 16.80 प्रतिशत घटकर 12.37 लाख टन पर अटक गया।
दरअसल नवम्बर-दिसम्बर के दौरान मलेशिया के कई भागों में मूसलाधार वर्षा होने तथा भयंकर बाढ़ आने से पाम बागानों में पानी भर गया और इसकी क्रशिंग- प्रोसेसिंग जनवरी तक बाधित होती रही।
एम्पोब की रिपोर्ट के अनुसार दिसम्बर की तुलना में जनवरी के अंत में मलेशिया में पाम तेल का कुल स्टॉक भी 7.55 प्रतिशत घटकर 15.80 लाख टन के करीब रह गया।
इसके तहत क्रूड पाम तेल का स्टॉक 11.78 प्रतिशत घटकर 7.89 लाख टन तथा प्रोसेस्ड (रिफाइंड) पाम तेल का स्टॉक 2.90 प्रतिशत गिरकर 7.91 लाख टन पर आ गया। दूसरी ओर इस अवधि में पाम कर्नेल तेल का स्टॉक 2.82 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.82 लाख टन के करीब पहुंच गया।
भारत एवं चीन जैसे शीर्ष आयातक देशों में मांग कमजोर रहने से जनवरी 2025 के दौरान मलेशियाई पाम तेल उत्पादों के निर्यात में 12.94 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और इसका आंकड़ा घटकर 11,68,324 टन पर अटक गया।
ऊंचे भाव एवं ऋणात्मक 'पड़ता' के कारण भारतीय आयातकों ने जनवरी में मलेशियाई पाम तेल का आयात काफी घटा दिया और सॉफ्ट तेलों के आयात में ज्यादा उत्साह दिखाया।
चीन में भी ल्यूनर नव वर्ष के अवकाश के कारण पाम तेल का आयात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। मलेशिया में पाम तेल का आयात दिसम्बर के मुकाबले जनवरी में 133.34 प्रतिशत उछलकर 88,474 टन पर पहुंच गया।
