मानसून की अच्छी वर्षा से कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी के आसार
04-Jul-2025 05:51 PM
नई दिल्ली। इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के नियत समय से करीब 8 दिन पहले ही देश में पहुंचने तथा अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने से कृषि उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी सहायता मिल रही है।
जिससे कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है। केन्द्रीय कृषि सचिव के अनुसार धान, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती की रफ्तार अच्छी है और खाद्यान्न का उत्पादन एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के आसार हैं।
कृषि सचिव का कहना है कि यदि मानसून की बारिश आगामी समय में भी सामान्य रही और मौसम अनुकूल बना रहा तो न सिर्फ वर्तमान खरीफ कालीन फसलों को सीधा लाभ होगा बल्कि आगामी रबी फसलों के लिए भी बेहतर आधार तैयार हो जाएगा। रबी फसलों की बिजाई अक्टूबर-नवम्बर से आरंभ हो जाती है।
भारत दुनिया में चावल तथा गन्ना का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक देश है। चूंकि देश का आधा से अधिक कृषि क्षेत्र वर्षा पर आश्रित है इसलिए मानसून की भरपूर बारिश होना इसके लिए बेहद आवश्यक है।
इस बारिश का सीधा असर फसलों की पैदावार, ग्रामीण क्षेत्र की आय तथा महंगाई पर पड़ता है। सामान्य औसत से अधिक वर्षा न केवल देश की 140 करोड़ से अधिक जनसंख्या की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग देगी बल्कि आर्थिक विकास की गति तेज करने और वैश्विक कृषि बाजार को स्थिर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश बना हुआ है जबकि कई जिंसों का भी निर्यात करता है।
कृषि सचिव ने चालू सीजन के दौरान देश में उर्वरकों के अभाव की संभावना से इंकार करते हुए कहा है कि यूरिया, डीएपी तथा पोटाश की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है।
भारत को अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए स्वदेशी उत्पादन के साथ-साथ विदेशों से आयात पर भी निर्भर रहना पड़ता है मगर फिलहाल रासायनिक उर्वरकों का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है।
बीज की आपूर्ति एवं उपलब्धता पर गहरी नजर रखी जा रही है ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रमाणित बीज पर्याप्त मात्रा में हासिल हो सके।
ऊंची उपज दर वाले बीजों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि सचिव के मुताबिक यदि सितम्बर तक बारिश की हालत अनुकूल बनी रही तो देश में एक बार फिर कुल कृषि उत्पादन एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है।
