मार्च में व्यापार घाटा गिरकर 20.67 अरब डॉलर पर आया

15-Apr-2026 07:50 PM

नई दिल्ली। भारत का वाणिज्यिक व्यापार घाटा मार्च 2026 में कुछ घटकर 20.67 अरब डॉलर पर सिमट गया जो बाजार के अनुमान से काफी कम रहा।

समझा जाता है कि पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल के बीच युद्ध जारी रहने से ऊर्जा स्रोतों का आयात घट गया और खाड़ी क्षेत्र के देशों में अनेक उत्पादों का निर्यात भी प्रभावित हुआ। 

इसके बावजूद मार्च में भारतीय उत्पादों का निर्यात प्रदर्शन अच्छा रहा जबकि भारत में आयात की रफ्तार धीमी पड़ गई।  ध्यान देने की बात है कि भारत की विदेशी मुद्रा का सर्वाधिक खर्च पेट्रोलियम के आयात पर करना पड़ता है जिससे व्यापार संतुलन में काफी अंतर पैदा हो जाता है।

इसके बाद सोना-चांदी एवं अन्य कीमती धातुओं की आयात पर सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च होती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव ऊंचा रहने से इसके निर्यात पर भी असर पड़ा।

इस श्रृंखला की तीसरी कड़ी खाद्य तेल है। फरवरी की तुलना में मार्च के दौरान भारत में खाद्य तेलों का आयात भी कुछ घट गया। दूसरी ओर देश से पेट्रोलियम उत्पादों, गहने-जेवरातों एवं अनेक कृषि उत्पादों का बेहतर निर्यात हुआ। इससे व्यापार घाटा में काफी कमी आ गई।