मूसलाधार बारिश से विभिन्न राज्यों में खरीफ फसलों की बिजाई में मिलेगी सहायता
02-Jul-2025 04:05 PM
तिरुअनन्तपुरम। मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्ट में चालू सप्ताह के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में भारी से लेकर बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया है जिसमें मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान शामिल है। इसके अलावा गोवा, कोंकण, पूर्वी तथा पश्चिमी घाट, मध्य महासगार एवं पूर्वी गुजरात में भी भारी वर्षा हो सकती है।
विभिन्न राज्यों में अच्छी बारिश होने से किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल जाएगा। खरीफ फसलों का रकबा 258 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहले ही पहुंच चुका है जबकि आगे इसमें और तेजी से इजाफा होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में उड़ीसा के शेष भागों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महासागर, छत्तीसगढ़, आसाम, झारखंड, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़,
दिल्ली,पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ, विदर्भ, कोंकण एवं तेलंगाना में सामान्य या भारी वर्षा होने के आसार हैं। लेकिन इसमें दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र के अधिकांश राज्य शामिल नहीं है जबकि मानसून का आगमन सबसे पहले वहीं हुआ था।
जलवायु पूर्वानुमान सिस्टम के अनुसार 20 जुलाई 2025 तक देश के अधिकांश राज्यों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है जिससे खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र तेजी से बढ़ सकता है।
लेकिन मध्य गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ तथा महराष्ट्र के पश्चिमी एवं मध्यवर्ती भाग में बारिश सामान्य औसत से कम होगी और 21 जुलाई से अगस्त के आरंभ तक इसका सिलसिला जारी रह सकता है। पश्चिमी मध्य -प्रदेश एवं कोंकण में भी बारिश की कमी महसूस हो सकती है।
खरीफ फसलों की खेती के लिए मानसून की अच्छी वर्षा बहुत आवश्यक मानी जाती है क्योंकि देश का आधा कृषि क्षेत्र आसमानी बारिश पर ही आश्रित है।
पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान एक-दो को छोड़कर अन्य लगभग सभी खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र आगे चल रहा है जो एक शुभ संकेत है। जुलाई-अगस्त में इसकी सर्वाधिक बिजाई होती है और इस बार देश के किसानों को मानसून का मजबूत सहारा भी मिल रहा है।
