मौसम की प्रतिकूल स्थिति से गन्ना की उपज दर में गिरावट
24-Dec-2024 08:38 PM
नई दिल्ली । चीनी के राष्ट्रीय उत्पादन में 80 प्रतिशत के अधिक का योगदान देने वाले तीन शीर्ष उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में प्रतिकूल मौसम, प्राकृतिक आपदाओं तथा कीड़ों- रोगों के प्रकोप से गन्ना की फसल प्रभावित हुई है जिससे इसकी उपज दर में गिरावट आने की संभावना है।
महाराष्ट्र के सोलापुर में गन्ना की औसत उपज दर आमतौर पर 120-130 टन प्रति हेक्टेयर रहती है जो इस बार घटकर 80 टन प्रति हेक्टेयर के करीब रह गई है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में गन्ना की फसल पिछले साल के सूखे से ज्यादा प्रभावित नहीं हुई लेकिन इस बार कीड़ों रोगों (रेड रोट) के प्रकोप से उसे नुकसान हो रहा है। इससे देश के इस सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य में गन्ना की उपज दर घटने के संकेत मिल रहे हैं।
वहां रोग के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए किसानों को गन्ना की नई किस्मों की खेती पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया जा रहा है। कर्नाटक में भी गन्ना की फसल क्षतिग्रस्त हुई है।
हालांकि स्वदेशी उद्योग 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने की मांग कर रहा है मगर सरकार फिलहाल इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि एथनॉल की जरूरतों को पूरा करने बाद अगर चीनी का कोई अधिशेष स्टॉक बचता है तो सीमित मात्रा में उसके निर्यात की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।
लेकिन उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों द्वारा जिस तरह चीनी के उत्पादन अनुमान में कटौती की जा रही है उसे देखते हुए लगता है कि सीजन के अंत में इसका बकाया स्टॉक सामान्य ही रहेगा।
एक उद्योग विश्लेषक ने तो चीनी का उत्पादन घटकर 270 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगया है जो पिछले सीजन के सरकारी उत्पादन अनुमान 320 लाख टन से 50 लाख टन कम है।
