मसूर के आयात पर सीमा शुल्क लगाने पर गंभीरतापूर्वक विचार

07-Feb-2025 10:43 AM

नई दिल्ली । हालांकि फिलहाल 31 मार्च 2025 तक मसूर के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति मिली हुई है लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार इस स्थिति को बदलने पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है और इस नियत समय सीमा से पूर्व ही मसूर के आयात पर दोबारा सीमा शुल्क लगा सकती है। 

समझा जाता है कि एक अंतर-मंत्रालयी समिति (पैनल) द्वारा इस आशय के प्रस्ताव को अनुमोदित किए जाने के बाद अगले कुछ दिनों में शुल्क लगाने के बारे में अधिसूचना जारी की जा सकती है।

फिलहाल यह ज्ञात नहीं हो सकता है कि पीली मटर तथा देसी चना पर आयात शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है या नहीं। इन दोनों दलहनों के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा क्रमश: 28 फरवरी एवं 31 मार्च 2025 तक निर्धारित है।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की भांति बिहार भी मसूर का एक प्रमुख उत्पादक राज्य है। बिहार में इसी वर्ष विधानसभा का चुनाव होने वाला है और सरकार चाहती है कि वहां मसूर उत्पादको को बेहतर मूल्य प्राप्त हो।

मसूर की नई फसल अगले महीने से आने लगेगी इसलिए इस महत्वपूर्ण दलहन पर आयात शुल्क लगाने का निर्णय जल्दी ही लिया जा सकता जा ताकि बाजार को कुछ मजबूती मिल सके। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने मसूर की घटती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जताई है कि नई फसल की जोरदार आवक शुरू होने पर इसके मूल्य में और भी गिरावट आ सकती है जिससे किसानों की कठिनाई बढ़ जाएगी।

केन्द्र सरकार ने मसूर का न्यूनतम समर्थन 2023-24 सीजन के 6425 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 6700 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है।

लेकिन वर्तमान समय में इसका औसत भाव मध्य प्रदेश में 5600-5700 रुपए प्रति क्विंटल और उत्तर प्रदेश में 6400-6500 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। विदेशों से आयातित मसूर इससे भी कम दाम पर बिक रही है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार स्टॉकिस्टों एवं सरकारी एजेंसी के पास विशाल मात्रा में मसूर का स्टॉक मौजूद है। सरकार का  मानना है कि यदि शुल्क मुक्त आयात जारी रहा तो अप्रैल में भाव लुढ़ककर काफी नीचे आ जाएगा।

आई ग्रेन इंडिया के अनुसार अप्रैल-नवम्बर 2024 के दौरान देश में 5.90 लाख टन मसूर का आयात किया गया जबकि उद्योग समीक्षकों का मानना है कि दिसम्बर 2024 में 5 लाख टन से अधिक मसूर का विशाल आयात हुआ।

इस तरह अप्रैल-दिसम्बर 2024 में कुल मिलाकर 10.93 लाख टन मसूर का आयात हुआ मगर वह वर्ष 2023 के आयात 16.81 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम रहा।