मोटे अनाजों का 592 लाख टन का उत्पादन लक्ष्य हासिल होना असंभव नहीं

29-May-2024 04:04 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के सम्पूर्ण सीजन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर कुल 592 लाख टन मोटे अनाजों के उत्पादन का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया है जिसे हासिल करना कठिन तो है मगर असंभव नहीं है।

इसमें खरीफ, रबी एवं जायद (ग्रीष्मकाल)- तीनों सीजन का उत्पादन लक्ष्य शामिल है। मोटे अनाजों के संवर्ग में मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी एवं जौ मुख्य रूप से शामिल है। 

कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के सीजन में 388.50 लाख टन मक्का एवं 22.50 लाख टन जौ के साथ-साथ 181 लाख टन श्री अन्न (ज्वार, बाजरा एवं रागी) के उत्पादन का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

खरीफ सीजन के लिए श्री अन्न का उत्पादन लक्ष्य 147.70 लाख टन, रबी सीजन के लिए 26 लाख टन तथा जायद सीजन के लिए 11.30 लाख टन नियत किया गया है। 

मक्का के उत्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है क्योंकि इसकी मांग एवं खपत में आगे तेजी से इजाफा होने की संभावना है। अभी तक मक्का का उपयोग मुख्यत: मानवीय खाद्य उद्देश्य एवं पॉल्ट्री फीड, पशु आहार तथा स्टार्च निर्माण उद्योग में हो रहा था मगर अब एथनॉल उत्पादन में इस्तेमाल तेजी से बढ़ने की संभावना है।

एक तो सरकार एथनॉल निर्माण के लिए गन्ना की सीमित मात्रा के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ने की संभावना है। एक तो सरकार एथनॉल निर्माण के लिए गन्ना की सीमित मात्रा के इस्तेमाल को अनुमति दे रही हैं और दुसरे, अनाज आधारित डिस्टीलरीज को अपने स्टॉक संचालन नहीं उपलब्ध करवा रही है।

इसके विकल्प के रूप में मक्का के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार तथा डिस्टीलरीज के बीच करार भी हो चुका है जिसके तहत सरकारी एजेंसियां किसानों से मक्का खरीदार उसका स्टॉक डिस्टीलरीज को उपलब्ध करवाएगा।

चूंकि मक्का का घरेलू बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है इसलिए सरकारी एजेंसी को इसकी पर्याप्त खरीद का अवसर नहीं मिल रहा है। 

खरीफ सीजन में मक्का, ज्वार, बाजरा एवं रागी तथा रबी सीजन में जौ की खेती बड़े पैमाने पर होती है। सरकार को उम्मीद है कि मक्का का उत्पादन शानदार हो सकता है क्योंकि इस बार मौसम एवं मानसून की हालत काफी हद तक फसल के अनुकूल रहने की संभावना है।