मैदानी इलाकों में मौसम ठंडा, तेज हवा पंहुचा रही है नुकसान

06-Mar-2025 10:52 AM

मैदानी इलाकों में मौसम ठंडा, तेज हवा पंहुचा रही है नुकसान
★ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों विशेष रूप से हरियाणा में हाल ही में हुई असमय बारिश और ओलावृष्टि ने कुछ इलाकों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया।
हालांकि पिछले कुछ दिनों में ठंडक लौटने से गेहूं की फसल को लाभ होने की संभावना है, बशर्ते आने वाले हफ्तों में मौसम अनुकूल बना रहे।  
★ भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में तेज़ हवाएं (25-45 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है और 9-11 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
★ वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि पूरे दिन का औसत तापमान 15-16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, तो यह गेहूं की फसल के लिए आदर्श होता है।  
★ गोवा में रोलर फ्लौर मिलर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया में विशेषज्ञों और आटा मिलिंग उद्योग के प्रतिनिधियों का मानना है कि 2025-26 विपणन सीजन में गेहूं का उत्पादन लगभग 110 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो इस वर्ष के 106 मिलियन टन से अधिक होगा।  
★ मंडियों में नई फसल की हो रही है आवक भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर। हालांकि हाल के दिनों में नई फसल की आवक बढ़ने से इनमें थोड़ी नरमी आई है।
★ आई-ग्रेन इंडिया का मानना है कि जैसे-जैसे आवक बढ़ेगी वैसे वैसे भावों में आ सकती है गिरावट परन्तु कीमतें MSP से नीचे आने की उम्मीद कम। 
MSP से कीमतें अधिक रहीं तो एक बार फिर सरकारी खरीद पर पड़ सकता है असर।