मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों का रकबा 139.87 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
11-Sep-2025 06:20 PM
भोपाल। देश के एक प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीफ सीजन में कुछ फसलों के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है जबकि कुछ अन्य फसलों के बिजाई क्षेत्र में गिरावट भी आई है।
राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 139.87 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 141.32 लाख हेक्टेयर से करीब 1 प्रतिशत कम मगर पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 136 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। यह 5 सितम्बर 2025 तक की बिजाई का आंकड़ा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 53.88 लाख हेक्टेयर से गिरकर 51.20 लाख हेक्टेयर,
धान का क्षेत्रफल 36.33 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 36.20 लाख हेक्टेयर, कपास का बिजाई क्षेत्र 6.15 लाख हेक्टेयर से गिरकर 5.56 लाख हेक्टेयर, मूंगफली का क्षेत्रफल 6.39 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 4.03 लाख हेक्टेयर,
बाजरा का बिजाई क्षेत्र 2.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.37 लाख हेक्टेयर, तिल का रकबा 3.30 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.27 लाख हेक्टेयर, ज्वार का क्षेत्रफल 1.02 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 90 हजार हेक्टेयर तथा मूंग का क्षेत्रफल 1.22 लाख हेक्टेयर से गिरकर 95 हजार हेक्टेयर पर अटक गया जबकि अधिकांश फसलों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
दूसरी ओर मध्य प्रदेश में कुछ फसलों की बिजाई में अच्छी बढ़ोत्तरी भी हुई है। इसके तहत मक्का का उत्पादन क्षेत्र 20.77 लाख हेक्टेयर से उछलकर 23.50 लाख हेक्टेयर, उड़द का रकबा 4.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.95 लाख हेक्टेयर,
तुवर का बिजाई क्षेत्र 3 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 3.36 लाख हेक्टेयर, गन्ना का क्षेत्रफल 1.02 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.11 लाख हेक्टेयर तथा नाइजर सीड का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से उछलकर 32 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश मक्का, सोयाबीन, उड़द तथा नाइजरसीड का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि वहां अन्य फसलों का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होता है।
