मध्यवर्ती क्षेत्र में बांधों- जलाशयों में पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद

13-Sep-2025 12:20 PM

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की नियमित रूप से अच्छी बारिश होने के कारण देश के मध्यवर्ती क्षेत्र के बांधों- जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़कर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 90 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

इस संभाग में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं उत्तराखंड जैसे राज्य स्थित हैं जहां धान सहित अन्य खरीफ फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है।

केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़े से पता चलता है कि मध्यवर्ती क्षेत्र के 28 प्रमुख बांधों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 48.588 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) की है जबकि फिलहाल उसमें 43.829 बीसीएम पानी का स्टॉक उपलब्ध है।

कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष मध्य प्रदेश के बांधों-जलाशयों में 94 प्रतिशत, उत्तराखंड में 89 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 77.5 प्रतिशत तथा छत्तीसगढ़ के बांधों (डैम) में 75 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है।

चूंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब भी देश के कई इलाकों में सक्रिय है इसलिए आगे बारिश होने की संभावना बनी हुई है जिससे बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर और भी ऊंचा हो सकता है। मानसून की सक्रियता अब तक बनी रहती है यह देखना आवश्यक होगा। 

उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की लगभग सामान्य बिजाई हुई है और सिर्फ सीमित क्षेत्र को छोड़कर काफी इलाकों में फसल की स्थिति बहुत अच्छी बताई जा रही है।

मध्यवर्ती क्षेत्र के उपरोक्त चारों प्रांतों में मानसून की गतिशीलता में कमी आ रही है और पहले जहां अधिशेष बारिश के कारण खेत जलमग्न हो गए थे वहां भी पानी का स्तर तेजी से घटने लगा है। उत्तराखंड में हालात सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।