म्यांमार से फरवरी में 81 हजार टन उड़द एवं 29 हजार टन तुवर का निर्यात
03-Mar-2025 08:05 PM
रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार से चालू कैलेंडर वर्ष के शुरूआती दो महीनों में यानी जनवरी-फरवरी 2025 के दौरान 1.61 लाख टन उड़द का निर्यात किया गया जिसमें जनवरी के दौरान 80,266 टन एवं फरवरी के दौरान 80,784 टन का शिपमेंट शामिल रहा।
इसी तरह म्यांमार से जनवरी में 5606 टन तथा फरवरी में 29,250 टन के साथ कुल 34,856 टन तुवर का निर्यात किया गया। वहां इन दोनों दलहनों के नए माल की अच्छी आवक होने लगी है जिससे आगामी महीनों में निर्यात की गति तेज रहने की संभावना है।
इससे पूर्व म्यांमार से वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि यानी जनवरी से दिसम्बर के दौरान 8,89,624 टन उड़द तथा 3,13,365 टन तुवर का निर्यात हुआ था।
वर्ष 2024 में म्यांमार से किसी एक माह में उड़द का सर्वाधिक निर्यात मई में हुआ था जब इसकी मात्रा बढ़कर 1.03 लाख टन के करीब पहुंच गई थी। मई 2024 में ही तुवर का भी सर्वाधिक 41 हजार टन का शिपमेंट किया गया था।
म्यांमार से उड़द एवं तुवर का अधिकांश निर्यात भारत को किया जाता है। भारत में तुवर के आयात को मार्च 2026 तक के लिए शुल्क मुक्त कर दिया गया है जबकि उड़द के बारे में निर्यात लिया जाना अभी बाकी है।
31 मार्च 2025 को इसके शुल्क मुक्त आयात की समयसीमा समाप्त हो रही है। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति को बरकरार रखने के लिए उड़द के आयात की समयसीमा बढ़ाए जाने की संभावना है।
म्यांमार में चालू सीजन (2024-25 के दौरान उड़द एवं तुवर का बेहतर उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं जिससे निर्यात योग्य स्टॉक में बढ़ोत्तरी होगी।
इससे भारत को वहां से इसका आयात बरकरार रखने में सहायता मिलेगी। भारत में ब्राजील में भी उड़द का आयात होता है।
भारतीय बाजार में दाम शिथिल पड़ने से म्यांमार में भी उड़द एवं तुवर का निर्यात ऑफर मूल्य हाल के महीनों में नरम पड़ा है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार अफ्रीकी देशों में तुवर का निर्यात योग्य स्टॉक घट गया है क्योंकि वहां अगस्त-दिसम्बर से ही इसकी फसल आ रही है और अब नई बिजाई शुरू होने वाली है। इस बीच म्यांमार से अच्छी मात्रा में इस महत्वपूर्ण दलहन का आयात जारी रहेगा।
