नीलामी केन्द्रों में घटती आवक छोटी इलायची के उत्पादन में गिरावट का प्रतीक

03-Mar-2025 08:28 PM

कोच्चि। प्रतिकूल मौसम के कारण इस बार छोटी इलायची के घरेलू उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका है और नीलामी केन्द्रों में घटती आवक से इसका स्पष्ट संकेत भी मिलता है।

हाल की एक नीलामी में महज 15 टन छोटी इलायची की आवक  हुई जबकि पहले इसकी मात्रा 60-70 टन तक पहुंच गई थी।

ज्ञात हो कि अभी खाड़ी क्षेत्र के देशों में छोटी इलायची में रमजान की मजबूत मांग बनी हुई है। रमजान का महीना आरंभ हो चुका है।

कमजोर आवक के बावजूद पिछली नीलामी में इलायची का औसत मूल्य गिरकर 2878 रुपए प्रति किलो पर अटक गया जो उससे पूर्व की नीलामी में प्रचलित मूल्य 2922 रुपए प्रति किलो से नीचे रहा। इसका कारण संभवतः दिसावरी व्यापारियों की मांग कमजोर रहना है। 

केरल और तमिलनाडु छोटी इलायची के दो शीर्ष उत्पादक राज्य हैं। इन दोनों प्रांतों में अभी बारिश हो रही है जिससे इलायची की तुड़ाई-तैयारी में बाधा पड़ने की आशंका है।

इससे कीमतों में कुछ तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। उत्पादन में भारी गिरावट आने की संभावना को देखते हुए उत्पादकों ने इलायची का स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है।

उन्हें आगामी समय में इसका भाव तेज होने का भरोसा है। चूंकि ग्वाटेमाला में भी फसल कमजोर रही है जो इसका सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है इसलिए वैश्विक बाजार में कीमत सुधरने के आसार है। भारतीय इलायची का निर्यात प्रदर्शन बेहतर चल रहा है  और आगे भी संतोषजनक रहने की उम्मीद है। 

उत्पादकों को कमजोर उत्पादन एवं मजबूत मांग के कारण इलायची का औसत नीलामी मूल्य बढ़कर 3200-3500 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन अभी तक यह उम्मीद पूरी नहीं हुई है। गर्मी के महीनों में मांग कुछ बढ़ सकती है।