नरमी की तलहट्टी छूने के, बाद तुवर के दाम में आगे कुछ सुधार के आसार
10-Jun-2025 01:33 PM
मुम्बई। हालांकि खरीफ सीजन के सबसे प्रमुख दलहन- अरहर (तुवर) की बिजाई का सीजन आरंभ हो गया है मगर बाजार की कमजोर स्थिति को देखते हुए किसानों में दुविधा बनी हुई है। कभी 10,000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर बिकने वाली तुवर अब 7000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गई है।
केन्द्र सरकार ने किसानों को क्षेत्रफल तथा उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 के 7550 रुपए प्रति क्विंटल से 450 रुपए बढ़ाकर 8000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है और इस समर्थन मूल्य पर किसानों से तुवर की 100 प्रतिशत अधिशेष मात्रा खरीदने का संकल्प भी व्यक्त किया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के खरीफ सीजन में तुवर का उत्पादन सुधरकर 35.60 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग- व्यापार क्षेत्र ने 37-38 लाख टन के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है।
घरेलू बाजार (थोक मंडी) भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे होने के कारण तुवर की सरकारी खरीद 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में बढ़कर 6 लाख टन के करीब पहुंच गई जो 2017-18 सीजन की रिकॉर्ड खरीद 8.87 लाख टन के बाद दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है। सरकारी तौर पर खरीदे गए स्टॉक को आवश्यकतानुसार बाजार में उतारा जा सकता है।
पिछले दो वर्षों के दौरान घरेलू उत्पादन में गिरावट आने से तुवर का भाव गत वर्ष उछलकर 10,000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया था जो अब घटकर 7000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी नीचे है। किसानों को इससे जोरदार झटका लगा है।
म्यांमार में तुवर का उत्पादन पिछले साल के 3 लाख टन से बढ़कर इस बार 3.50 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि (जनवरी-दिसम्बर) के दौरान म्यांमार से 3.13 लाख टन तुवर का निर्यात हुआ जिसका लगभग सम्पूर्ण भाग भारत में पहुंचा।
इस वर्ष जनवरी-मई 2025 के पांच महीनों में वहां से 1.53 लाख टन तुवर का निर्यात हुआ जो गत वर्ष के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 1.62 लाख टन से कुछ कम रहा।
अफ्रीका महाद्वीप में तुवर का उत्पादन पिछले साल के 8 लाख टन से बढ़कर इस बार 9-10 लाख टन पर पहुंच सकता है। भारत में वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल- मार्च) में तुवर का कुल आयात बढ़कर 12.23 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा जो 2023-24 से 4.52 लाख टन ज्यादा था।
