नवम्बर 2024 अगस्त 2025 में ओएमसी को 820 करोड़ लीटर से अधिक एथनॉल की आपूर्ति

10-Sep-2025 05:20 PM

नई दिल्ली। भारत में एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम में अच्छी प्रगति हो रही है। एथनॉल के उत्पादन एवं पेट्रोल में मिश्रण का स्तर नियमित रूप से बढ़ रहा है।

जानकार सूत्रों के अनुसार 2024-25 के वर्तमान एथनॉल आपूर्ति सीजन (नवम्बर-अक्टूबर के आरंभिक 10 महीनों में यानी नवम्बर 2024 से अगस्त 2025 के दौरान तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) 820.52 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई। इसमें अनाज से निर्मित एथनॉल की भागीदारी 526.01 करोड़ लीटर तथा गन्ना उत्पादों से निर्मित एथनॉल की हिस्सेदारी 294.51 करोड़ लीटर रही। 

सरकार ने पहले वर्ष 2030 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन यह लक्ष्य नियत समय से पांच वर्ष पूर्व यानी 2025 में ही हासिल हो गया।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पेट्रोलियम के आयात पर होने वाले खर्च में काफी कमी आ गई और देश के बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करने का अवसर मिल गया। 

अब सरकार ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए चीनी मिलर्स एवं डिस्टीलर्स को एथनॉल के उत्पादन में गन्ना की असीमित मात्रा का उपयोग करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है जिससे उत्पादकों को काफी राहत मिलेगी और अधिक से अधिक मात्रा में एथनॉल का उत्पादन करने का प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।

आज आधारित डिस्टीलरीज को पहले से ही कच्चे माल के असीमित इस्तेमाल की अनुमति प्राप्त है जबकि उसे सरकारी स्टॉक से भी विशाल मात्रा में सस्ता चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है।

सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी-हैवी शीरा तथा सी-हैवी शीरा के नियंत्रण मुक्त उपयोग की मंजूरी दी है। एथनॉल उत्पादन में अब मक्के का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने लगा है। सरकार का ध्यान चीनी के साथ-साथ एथनॉल के उत्पादन पर भी केन्द्रित है।