News Capsule/न्यूज कैप्सूल: अंतरराष्ट्रीय दलहन कीमतों में तेजी, घरेलू बाजार पर बढ़ा दबाव
★ पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिकांश प्रमुख दलहनों की कीमतों में तेजी देखी गई। आयातित दलहन महंगे होने से भारतीय घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। कई क्षेत्रों में कम बारिश से फसल की उत्पादकता प्रभावित होने की आशंका ने भी बाजार को मजबूती दी है।
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प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भाव
★ उड़द: ब्राजील ग्रेड-1 का भारत भाव 950 से बढ़कर 960 डॉलर/टन हुआ। म्यांमार SQ का भाव 960 से बढ़कर 965 डॉलर/टन रहा।
देसी चना: ऑस्ट्रेलियाई चने के भाव भारत सहित प्रमुख बाजारों में 25 डॉलर/टन तक बढ़े। भारत के लिए भाव 685 डॉलर/टन पहुंचा। तंजानिया से पाकिस्तान के भाव 60 डॉलर बढ़कर 700 डॉलर/टन हुए।
★ अरहर: मोजाम्बिक गजरी अरहर का भारत भाव 710 से बढ़कर 760 डॉलर/टन हुआ, जबकि मलावी रेड अरहर 620 से बढ़कर 675 डॉलर/टन पहुंची।
पीली मटर: कनाडा से भारत के भाव 415 से बढ़कर 425 डॉलर/टन हुए। कनाडा से भारत (वेसल) के भाव 360 से बढ़कर 375 डॉलर/टन रहे।
मसूर: कनाडाई क्रिमसन मसूर का भारत भाव 555 से बढ़कर 590 डॉलर/टन हुआ, यानी 6% की तेजी। ऑस्ट्रेलियाई निपर मसूर का भारत भाव 555 डॉलर/टन रहा।
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घरेलू बाजार का असर
★ अंतरराष्ट्रीय कीमतों में व्यापक तेजी से भारत में आयात लागत बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में घरेलू दलहन कीमतों को और समर्थन मिल सकता है।
★ इसके अलावा, कई दलहन उत्पादक क्षेत्रों में कम बारिश से फसल की स्थिति और उत्पादकता को लेकर चिंता बढ़ी है। यदि उत्पादन अनुमान में और कमी आती है, तो घरेलू उपलब्धता घटने के साथ महंगे आयात का दोहरा दबाव कीमतों को और मजबूत कर सकता है।
★ वर्तमान परिस्थितियों में चना, अरहर, मटर, मसूर और ब्लैक मैटपे समेत प्रमुख दलहनों का बाजार निकट अवधि में मजबूत रहने की संभावना है।