News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून की मार: उड़द उत्पादन घटने की आशंका, क्या होगा दामों पर असर।

14-Apr-2026 11:31 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून की मार: उड़द उत्पादन घटने की आशंका, क्या होगा दामों पर असर।
★ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान जताया है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून होगा।
★ कमजोर मानसून का असर खरीफ दलहन फसलों पर भी पड़ सकता है, जिनमें उड़द भी प्रमुख है। भारत में उड़द का अधिक उत्पादन खरीफ सीजन में होता है। हालांकि उड़द फसल को अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन अंकुरण के समय पर्याप्त नमी बेहद जरूरी होती है। यदि मिट्टी में उचित नमी नहीं रहती, तो अंकुरण प्रभावित होगा, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
★ पिछले सीजन में उड़द का उत्पादन कम रहने से देश में आयात बढ़ाना पड़ा। घरेलू उपलब्धता घटने के कारण बाजार में मांग को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता बढ़ी। इस वर्ष यदि कमजोर मानसून के कारण उत्पादन और घटता है, तो आयात की आवश्यकता और बढ़ सकती है।
म्यांमार और ब्राजील से उड़द आयात बढ़ने की संभावना है, लेकिन यदि घरेलू उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होता है, तो अधिक आयात भी कुल खपत की पूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
★ यदि मौसम एजेंसियों के कमजोर मानसून के अनुमान सही साबित होते हैं, तो उड़द सहित अन्य दलहनों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल सकती है।
इससे उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा, जबकि किसानों को ऊंचे भाव का लाभ मिल सकता है।