News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून से गन्ना उत्पादन प्रभावित होने की आशंका, चीनी कीमतों में तेजी संभव
14-Apr-2026 11:12 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कमजोर मानसून से गन्ना उत्पादन प्रभावित होने की आशंका, चीनी कीमतों में तेजी संभव
★ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को सामान्य से कमजोर रहने का अनुमान जताया है। जून से सितंबर के दौरान वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का केवल 92% रहने की संभावना है, जबकि 66% संभावना है कि बारिश “कमजोर से सामान्य से कम” श्रेणी में रहेगी। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून होगा।
★ कमजोर मानसून का असर खरीफ फसलों के साथ-साथ गन्ने की फसल पर भी पड़ सकता है। धान के बाद गन्ना दूसरी सबसे अधिक पानी मांगने वाली फसल है। पर्याप्त वर्षा न होने और सिंचाई जल की कमी से गन्ने की पैदावार घट सकती है, जिससे आगामी सीजन में चीनी उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ जाएगी।
★ भारत में चीनी उद्योग पहले से ही अत्यधिक नियंत्रित ढांचे में काम करता है, जहां सरकार गन्ने का मूल्य, चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP), किसानों के बकाया भुगतान, मासिक बिक्री कोटा, निर्यात मात्रा, एथेनॉल कीमतें और एथेनॉल आवंटन तय करती है। ऐसे में यदि मानसून कमजोर रहता है, तो मौजूदा बाजार संतुलन बदल सकता है।
★ कम गन्ना उत्पादन की स्थिति में आगामी पेराई सीजन में चीनी की उपलब्धता घट सकती है, जिससे चीनी कीमतों में तेजी आने की संभावना है। इससे मिलों की आय में सुधार हो सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। कमजोर मानसून के कारण गन्ना क्षेत्र में उत्पादन जोखिम बढ़ने से चीनी बाजार आने वाले महीनों में अधिक संवेदनशील बना रह सकता है।
