रूई के आयात को शुल्क मुक्त करने का सुझाव
17-Apr-2025 04:55 PM
अहमदाबाद। केन्द्रीय वस्त्र आयुक्त की अध्यक्षता वाली कपास उत्पादन एवं उपयोग समिति (सीसीपीसी) ने केन्द्र सरकार को रूई के आयात पर लागू 11 प्रतिशत के सीमा शुल्क को हटाने का सुझाव दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस समिति कपास उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के सभी सम्बद्ध पक्षों के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। 16 अप्रैल को मुम्बई में आयोजित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में सिफारिश की गई कि अब रूई के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी जानी चाहिए।
समीक्षकों का कहना है कि यदि सरकार इस सुझाव को स्वीकार कर लेती है तो खासकर भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के लिए परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि उसके पास अत्यन्त विशाल मात्रा में रूई का स्टॉक उपलब्ध है जिसकी खरीद भारतीय किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई है।
देश में सस्ती रूई का आयात आरंभ होने पर निगम को अपने स्टॉक की बिक्री के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। निगम अपने स्टॉक को बेचने का प्रयास कर रहा है।
बैठक में मौजूद तमिलनाडु स्पिनिंग मिल्स एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार ने कहा कि समिति ने सुझाव दिया है कि यदि केन्द्र सरकार 11 प्रतिशत के आयात शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने को तैयार न हो तो उसे अगले कुछ महीनों के लिए इस शुल्क को स्थगित रखने पर विचार करना चाहिए।
उनका कहना था कि उभरते परिदृश्य को देखते हुए रूई का आयात करने की इच्छुक टैक्सटाइल मिलों को सतर्क हो जाना चाहिए। वैसे आयात शुल्क के ढांचे में होने वाले किसी भी परिवर्तन के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी।
यदि भारत सरकार रूई पर आयात शुल्क को समाप्त करती है अथवा इसे कुछ महीनों तक स्थगित रखने का निर्णय लेती है तो इससे अमरीका के लिए सकारात्मक संकेत जाएगा और उसे महसूस होगा कि भारत में रूई पर आयात शुल्क को घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अमरीका में भारतीय वस्त्र उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में आसानी हो सकती है।
कपास उत्पादन एवं उपयोग समिति ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान कपास का घरेलू उत्पादन घटकर 300 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) से भी नीचे आने की संभावना व्यक्त की है।
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी कुछ इसी तरह का अनुमान लगाया है। एसोसिएशन ने कपास का उत्पादन घटकर 291.30 लाख गांठ पर सिमटने तथा रूई का आयात पिछले सीजन के 15.20 लाख गांठ से बढ़कर 33 लाख गांठ पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है।
