रूई की सरकारी खरीद नए रिकॉर्ड स्तर या पहुंचने की संभावना
09-Sep-2025 09:07 PM
अहमदाबाद। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 589 रुपए प्रति क्विंटल की जबरदस्त बढ़ोत्तरी होने तथा आयात शुल्क को स्थगित किए जाने से घरेलू बाजार भाव कमजोर पड़ने की संभावना से 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान रूई की सरकारी खरीद उछलकर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।
जानकारों का कहना है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा लगभग 100 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) रूई की खरीद भारतीय किसानों से एमएसपी पर की गई थी जबकि 2025-26 में इसकी मात्रा 40 प्रतिशत बढ़कर 140 लाख गांठ के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच सकती है।
उद्योग समीक्षकों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान रूई का घरेलू उत्पादन घटाने की संभावना है क्योंकि एक तो कपास के बिजाई क्षेत्र में कमी आई है और दूसरे, बाढ़-वर्षा से कई क्षेत्रों में फसल को नुकसान भी पहुंचा है।
सरकार ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8.27 प्रतिशत बढ़कर मीडियम रेशेवाली वाली श्रेणी के लिए 7710 रुपए प्रति क्विंटल तथा लम्बे रेशेवाली किस्मों के लिए 8110 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। चूंकि विदेशों से शुल्क मुक्त रूई का विशाल आयात होने से घरेलू बाजार भाव कमजोर रह सकता है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 5 सितम्बर 2025 तक कपास का घरेलू उत्पादन क्षेत्र घटकर 109.17 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 112.13 लाख हेक्टेयर से करीब 3 लाख हेक्टेयर कम है। पंजाब, गुजरात, राजस्थान एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भारी वर्षा एवं बाढ़ के कारण कपास की फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिल रही है।
