रूई के शुल्क मुक्त आयात की अवधि 31 दिसम्बर तक बढ़ाने का निर्णय
28-Aug-2025 11:28 AM
नई दिल्ली। भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए रूई की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने विदेशों से इसके शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को बढ़ा दिया है।
मालूम हो कि पहले इसके आयात की अवधि 19 अगस्त से 30 सितम्बर तक निर्धारित की गई थी मगर अब इसे चालू वर्ष के अंत यानी 31 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार रूई के शुल्क मुक्त आयात की समयावधि बढ़ाने का औपचारिक निर्णय लिया जा चुका है और शीघ्र ही इस आशय की अधिसूचना जारी की जाएगी।
इससे टेक्सटाइल उद्योग को ब्राजील सहित अन्य आपूर्तिकर्ता देशों से सस्ती रूई मंगाने का अवसर मिलेगा और भारतीय वस्त्र उत्पादों के लागत खर्च में कमी आएगी।
इसके फलस्वरूप वस्त्र उत्पादों के निर्यातकों को वैश्विक निर्यात बाजार में अपने माल का दाम प्रतिस्पर्धी स्तर पर रखने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 19 अगस्त 2025 से पूर्व भारत में रूई के आयात पर 11 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगा हुआ था जिसे अब वापस ले लिया गया है।
अमरीका ने भारतीय वस्त्र उत्पादों पर 50 प्रतिशत की दर से भारी-भरकम सीमा शुल्क लगा दिया है जबकि वह इसका सबसे बड़ा खरीदार है।
इस ऊंचे शुल्क के कारण अमरीका में भारतीय वस्त्र उत्पादों का मूल्य अन्य निर्यातक देशों- चीन, वियतनाम, पाकिस्तान एवं बांग्ला देश आदि के मुकाबले गैर प्रतिस्पर्धी हो जाएगा। इस चुनौती का सामना तभी किया जा सकेगा जब भारत का वस्त्र उत्पाद सस्ता हो और इसके लिए लागत खर्च घटाना आवश्यक है।
कपास का घरेलू उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष की तुलना में करीब 3 लाख हेक्टेयर पीछे रह गया है जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा एवं बाढ़ से फसल को नुकसान होने की आशंका है।
इससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है और घरेलू बाजार भाव तेज हो सकता है। विदेशों से शुल्क मुक्त सस्ती रूई का आयात होने पर टेक्सटाइल उद्योग को कुछ राहत मिलेगी।
