रूस में सितम्बर के लिए सूरजमुखी तेल पर 71.8 डॉलर प्रति टन का निर्यात शुल्क

29-Aug-2025 03:55 PM

मास्को। अगस्त माह के लिए निर्यात शुल्क को स्थगित किए जाने के कारण रूस से सूरजमुखी तेल के शिपमेंट में शानदार बढ़ोत्तरी हुई और इसलिए सूरजमुखी सीड का स्टॉक भी घटकर 2 लाख टन के आसपास रह जाने का अनुमान है। रूस से 2023-24 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में करीब 47 लाख टन सूरजमुखी तेल का निर्यात हुआ था जो 2024-25 के सीजन में 3 लाख टन बढ़कर 50 लाख टन पर पहुंच गया। 

सितम्बर माह के लिए रूस में सूरजमुखी तेल पर 5746.20 रूबल या 71.8 डॉलर प्रति टन तथा सूरजमुखी ऑयल मील पर 1119.40 रूबल या 13.91 डॉलर प्रति टन की दर से निर्यात शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है।

तुर्की में अक्टूबर डिलीवरी के लिए सूरजमुखी तेल का कारोबार 1300 डॉलर प्रति टन के मूल्य स्तर पर हो रहा है। वहां इस पर आयात शुल्क को 36 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत तथा सूरजमुखी बीज पर 20 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत नियत किया गया है। मिस्र में सूरजमुखी तेल का औसत मूल्य 12.80 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है। 

भारत में पहले सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात यूक्रेन तथा अर्जेन्टीना से हो रहा था मगर अब इसकी आपूर्ति के मामले में रूस इन दोनों देशों से काफी आगे निकल चुका है। हकीकत तो यह है कि रूस अब इंडोनेशिया, अर्जेन्टीना एवं मलेशिया के बाद भारत को खाद्य तेल की आपूर्ति करने वाला चौथा सबसे प्रमुख देश बन गया है।

वहां से सूरजमुखी तेल के साथ-साथ सोयाबीन तेल का भी भारत में आयात बढ़ने लगा है। रूस में सूरजमुखी की फसल अच्छी हालत में है और वहां इसका उत्पादन बेहतर होने के आसार हैं। इससे नए सीजन में निर्यात प्रदर्शन और भी बेहतर हो सकता है।