ओएमएसएस के पहले और बाद में गेहूं के थोक मंडी भाव में हुए बदलाव
07-Feb-2025 11:14 AM
नई दिल्ली । भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत 5 दिसम्बर 2024 से गेहूं की साप्ताहिक नीलामी बिक्री शुरू की गई जो अब भी जारी है।
4 दिसम्बर 2024 से 6 फरवरी 2025 के दौरान गेहूं के थोक मंडी मूल्य में काफी उतार-चढ़ाव आया जो इसकी मांग एवं आपूर्ति पर आधारित रहा। सरकारी गेहूं की बिक्री केवल मिलर्स-प्रोसेसर्स को होती है।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान दिल्ली के लारेंस रोड पर गेहूं की कीमतों में शुरूआती चरण के दरम्यान सामान्य घट बढ़ देखा गया। उदाहरणस्वरूप इसका भाव 4 दिसम्बर को 3120 रुपए प्रति क्विंटल था जो 5 दिसम्बर को गिरकर 3100 रुपए पर आया और 12 दिसम्बर को सुधरकर 3110 रुपए हो गया।
19 दिसम्बर को यह पुनः गिरकर 3080 रुपए पर आया लेकिन उसके बाद इसमें तेजी का सिलसिला शुरू हो गया जो 4 जनवरी 2025 तक जारी रहा।
4 जनवरी को गेहूं का दाम उछलकर 3360 रुपए प्रति क्विंटल के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया जो 4 दिसम्बर की तुलना में 240 रुपए प्रति क्विंटल अधिक रहा इस शीर्ष स्तर पर पहुंचने के बाद 6-7 जनवरी को बाजार नीचे आया मगर 14 जनवरी को पुनः बढ़कर 3320 रुपए प्रति क्विंटल हो गया
21 जनवरी को भी यह 3300 रुपए प्रति क्विंटल पर मौजूद रहा लेकिन 31 जनवरी तक यह तेजी से बढ़कर 3050 रुपए प्रति क्विंटल निम्न स्तर पर आ गया इसके बाद थोड़े-बहुत सुधार के साथ 6 फरवरी को गेहू का दाम 3120 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जो 4 दिसम्बर को ओएमएसएस की प्रक्रिया आरंभ होने से पूर्व के मूल्य स्तर के बराबर ही रहा।
उत्तर प्रदेश के शाजहांपुर तथा बुलंदशहर की मंडियों में भी समीक्षाधीन अवधि के दौरान गेहूं के दाम में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया
लेकिन अंत में यह 4 दिसम्बर 2024 के मुकाबले 6 फरवरी 2025 को शाहजहांपुर में 2771 रुपए प्रति क्विंटल से सुधरकर 2931 रुपए प्रति क्विंटल तथा बुलंदशहर में 2850 रुपए से बढ़कर 2970 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
गेहूं का उच्चतम मूल्य बुलंदशहर मंडी में 4 जनवरी 2025 को 3170 रुपए प्रति क्विंटल तथा शाहजहांपुर में 6 जनवरी एवं 14 जनवरी को 3011 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा था। मंडियों में गेहूं की सीमित आवक हो रही है।
