ओएमएसएस के तहत सरकारी चावल की बिक्री में भारी गिरावट

10-Sep-2025 04:33 PM

नई दिल्ली। अगले महीने से धान-चावल के नए माल की आवक को देखते हुए सरकारी चावल की खरीद के प्रति व्यापारियों की दिलचस्पी घट गई है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत अपने स्टॉक से चावल की साप्ताहिक नीलामी बिक्री नियमित रूप से की जा रही है।

घरेलू बाजार  में सस्ते दाम पर चावल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अक्टूबर से नया धान-चावल भी आना शुरू हो जाएगा इसलिए सरकारी चावल की बिक्री प्रभावित होने वाली है।

पिछले सप्ताह एफसीआई ने ओएमएसएस के तहत 1.28 लाख टन चावल की बिक्री का ऑफर दिया था मगर इसमें से केवल 15 हजार टन की बिक्री संभव हो सकी। निगम को कम से कम 25-26 हजार टन चावल की बिक्री होने की उम्मीद थी लेकिन खरीदारों की रूचि घट गई।

अगस्त 2025 के प्रथम सप्ताह से ओएमएसएस के तहत चावल की बिक्री का नया चरण आरंभ हुआ है और उसके बाद यह पहला अवसर रहा जब किसी एक नीलामी में चावल की बिक्री में करीब 10 हजार टन की गिरावट आ गई। इस बार ओएमएसएस वाले चावल का संशोधित रिजर्व मूल्य कुछ बदल गया है। उल्लेखनीय है कि चावल के विशाल उपलब्ध स्टॉक को घटाने के लिए खाद्य निगम द्वारा सप्ताह में दो बार नीलामी बिक्री आयोजित की जा रही है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यदि कमजोर बिक्री का यह सिलसिला आगे भी जारी रहा तो ऑफर की रणनीति में बदलाव करने पर विचार किया जा सकता है। इसके तहत या तो ऑफर की मात्रा में कटौती हो सकती है या क्षेत्रीय स्तर पर चावल के आवंटन में परिवर्तन किया जा सकता है।

केन्द्रीय पूल में चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है और अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद आरंभ होने वाली है। इस धान के स्टॉक को कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को आवंटित किया जाएगा और राइस मिलर्स इसके बदले में खाद्य निगम को कस्टम मिल राइस (सीएमआर) की आपूर्ति करेंगे। इसके फलस्वरूप केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक नियमति रूप से बढ़ता जाएगा।