ओएमएसएस के तहत सरकारी गेहूं की नीलामी पुनः शुरू होगी

07-Jan-2026 01:27 PM

नई दिल्ली। नवम्बर-दिसम्बर में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत ई-नीलामी के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा अपने स्टॉक से मिलर्स- प्रोसेसर्स को गेहूं बेचने का प्रयास किया गया था लेकिन इसमें उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसे देखते हुए पिछले महीने नीलामी को स्थगित कर दिया गया।

दरअसल सरकारी गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) 2025-26 के दौरान 2550 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जिसमें परिवहन खर्च शामिल नहीं है।

मिलर्स-प्रोसेसर्स को यह मूल्य ऊंचा प्रतीत हुआ और इसलिए केवल उन्ही राज्यों में सरकारी गेहूं की बिक्री ज्यादा हुई जहां परिवहन खर्च नहीं या कम लग रहा था। 

चूंकि खाद्य निगम के पास अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है और गेहूं का अगला उत्पादन भी शानदार होने वाला है इसलिए उसे स्टॉक घटाने की जरूरत महसूस ही रही है।

मार्च-अप्रैल से नए गेहूं की आवक एवं सरकारी खरीद आरंभ हो जाएगी जिससे केन्द्रीय पूल में इसका स्टॉक नियमित रूप से बढ़ता जाएगा। सरकारी गोदामों में चावल का भी विशाल भंडार मौजूद है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह से गेहूं की नीलामी बिक्री की प्रक्रिया आरंभ हो सकती है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में ओएमएसएस के तहत कुल 30 लाख टन गेहूं की बिक्री का कोटा आवंटित किया है लेकिन अब तक केवल 5.30 लाख टन की बिक्री ही संभव हो सकी है।

हालांकि गेहूं की आपूर्ति का लीन या ऑफ सीजन पहले ही आरंभ हो चुका है लेकिन फिर भी थोक मंडी भाव में कोई अप्रत्याशित तेजी नहीं देखी जा रही है।

मिलर्स-प्रोसेसर्स के पास इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद है और भंडारण सीमा का आदेश लागू होने से व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को नियमित रूप से बाजार में अपना माल उतारना पड़ रहा है इसलिए अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं का दाम एक निश्चित सीमा में लगभग स्थिर बना हुआ है।