ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन 26 प्रतिशत घटने का अनुमान
04-Mar-2025 06:41 PM
ब्रिसबेन। ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी राज्यों में मौसम गर्म एवं शुष्क रहने से वर्ष 2024 में मसूर की फसल को काफी क्षति हुई और इसकी उपज दर में कमी आ गई।
इसके परिणामस्वरूप बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने के बावजूद मसूर का उत्पादन काफी घट गया। नई फसल की कटाई-तैयारी पहले ही समाप्त हो चुकी है।
सरकारी एजेंसी- अबारेस की नई रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में 2023-24 सीजन के दौरान 15.67 लाख टन मसूर का उत्पादन हुआ था जो 2024-25 के दौरान 26 प्रतिशत या 4.10 लाख टन घटकर 11.67 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है।
वैसे अबारेस का यह नया आंकड़ा दिसम्बर 2024 की रिपोर्ट में लगाए गए उत्पादन अनुमान 11.16 लाख टन से 41 हजार टन ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में मसूर का उत्पादन 2023-24 सीजन के मुकाबले 27 प्रतिशत घटकर 5.55 लाख टन रह जाने की संभावना है लेकिन फिर भी यह 10 वर्षीय औसत उत्पादन से 36 प्रतिशत अधिक हैं।
उल्लेखनीय है कि साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में इस बार मसूर के बिजाई क्षेत्र में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ था लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण उपज दर में भारी गिरावट आने से कुल उत्पादन काफी घट गया और दाने की क्वालिटी भी बहुत अच्छी नहीं रही।
इसी तरह विक्टोरिया प्रान्त में मसूर के बिजाई क्षेत्र में 13 प्रतिशत का इजाफा हुआ था लेकिन अत्यन्त खराब मौसम के कारण इसक कुल 31 प्रतिशत घटकर 5.35 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया गया है
जो 10 वर्षीय औसत उत्पादन से 58 प्रतिशत ज्यादा है। अन्य प्रांतों में सीमित क्षेत्रफल में इसकी खेती हुई और इसलिए पैदावार भी कम हुई।
कनाडा के बाद ऑस्ट्रेलिया दुनिया में मसूर का दूसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश है और भारत इसका सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।
भारत में फिलहाल 31 मार्च 2025 तक मसूर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति है जबकि इसकी समय सीमा आगे बढाए जाने की संभावना है।
वैसे भारत में मसूर की नई घरेलू फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति भी जल्दी ही जोर पकड़ने की उम्मीद है। मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 6700 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है। मगर अनेक मंडियों में भाव घटकर इससे नीचे आ गया है। ऑस्ट्रेलिया के पास निर्यात योग्य स्टॉक घटता जा रहा है।
