ऑस्ट्रेलिया में शीतकालीन फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंची मगर वर्षा की सख्त जरुरत
20-May-2024 05:21 PM
मेलबोर्न । हालांकि ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग में शीतकालीन फसलों की बिजाई अत्यन्त जोर शोर से हुई। अब यह अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है लेकिन साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में सूखे जैसा माहौल बना हुआ है और वहां तत्काल भारी बारिश की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है।
अन्य प्रांतों में भी वर्षा की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम ब्यूरों ने 4 जून तक देश के कई भागों में 5 से 25 मि०मी० के बीच वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है जिससे किसानों को कुछ उम्मीद बंधी है। इससे बिजाई की रफ्तार और भी तेज हो सकती है।
हालांकि क्वींसलैंड राज्य तथा न्यू साउथ वेल्स के मध्यवर्ती एवं दक्षिणी हिस्से में हाल के सप्ताहों के दौरान अच्छी वर्षा होने से किसानों को गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों की जोरदार बिजाई आरंभ करने का अवसर मिल गया लेकिन साउथ ऑस्ट्रेलिया,
विक्टोरिया एवं वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में किसानों को अपेक्षाकृत सूखे खेतों में बिजाई करने के लिए बिवश होना पड़ा। उत्पादकों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने पर फसलों की हालत बेहतर हो जाएगी।
चालू माह के दौरान यदि वहां सामान्य बारिश हो गई तो कोई खतरा नहीं रहेगा अन्यथा फसलों को कुछ नुकसान पहुंच सकता है।
एक कृषि विशेषज्ञ के अनुसार वर्तमान समय में जो इलाके सूखे का संकट झेल रहे हैं वहां यदि जून के प्रथम सप्ताह तक अच्छी बारिश हो जाती है तो शीतकालीन फसलों की उपज दर सामान्य स्तर से ऊंची रह सकती है।
लेकिन इसके लिए यह आवश्यक है कि कोहरे का प्रकोप कम रहे और उससे फसलों को ज्यादा हानि न हो। इसके अलावा बसंतकाल में भी मौसम का अनुकूल रहना आवश्यक है।
वर्तमान समय में ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग में मौसम की हालत असामान्य एवं अनिश्चित बनी हुई है और वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बाईट क्षेत्र में कम दाब के कारण वर्षा का रूख उत्तरी न्यू साउथ वेल्स की ओर बना हुआ है जिसका मतलब यह है कि साउथ ऑस्टेलिया प्रान्त में अभी बारिश होने की संभावना बहुत कम है। इससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
