ऑस्ट्रेलिया से फरवरी में चना का निर्यात 48 प्रतिशत घटा
10-Apr-2025 03:24 PM
ब्रिसबेन। सरकारी एजेंसी- ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया से करीब 5.77 लाख टन चना का शानदार निर्यात हुआ था जो फरवरी में 48 प्रतिशत लुढ़ककर 2.99 लाख टन के आसपास अटक गया। भारत की मांग कमजोर पड़ने से चना का शिपमेंट काफी घट गया।
उल्लेखनीय है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया से दिसम्बर 2024 में 5,28,238 टन तथा जनवरी 2025 में 4,57,483 टन चना मंगाया गया जबकि फरवरी में 2,35,264 टन का ही आयात किया।
इस तरह दिसम्बर 2024 से फरवरी 2025 के तीन महीनों के दौरान भारत में ऑस्ट्रेलियाई चना का कुल आयात तेजी से बढ़कर 12,14,986 टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
मालूम हो कि भारत सरकार ने मई 2024 में देसी चना के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया था। इस शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 मार्च 2025 तक निर्धारित थी। अब इस पर 11 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाया गया है।
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आंकड़ों के अनुसार दिसम्बर 2024 से फरवरी 2025 के तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से चना का कुल निर्यात बढ़कर 15,94,741 टन की ऊंचाई पर पहुंच गया।
इसके तहत दिसम्बर में 7,19,042 टन, जनवरी में 5,76,907 टन तथा फरवरी में 2,98,792 टन चना का शिपमेंट हुआ। 2024-25 सीजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया में चना का उत्पादन बढ़कर 22 लाख टन से भी ऊपर पहुंच गया जो सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से बांग्ला देश को करीब 2.02 लाख टन, पाकिस्तान को 136 लाख टन तथा संयुक्त अरब अमीरात को 18 हजार टन चना का निर्यात किया गया जबकि शेष भाग का शिपमेंट बेल्जियम, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, यूनान,इटली, जापान, लेबनान, मलेशिया, मारीशस, नेपाल, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्रिटेन, अमरीका, वियतनाम एवं यमन सहित कुछ अन्य देशों को हुआ।
ऑस्ट्रेलिया में चना का अभी निर्यात योग्य अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है मगर भारत सहित अन्य प्रमुख आयातक देशों में मांग कमजोर पड़ गई है।
भारत में चना की नई फसल की जोरदार आपूर्ति हो रही है जबकि बांग्ला देश, पाकिस्तान तथा संयुक्त अरब अमीरात जैसे मुस्लिम बहुल देशों में रमजान का महीना समाप्त हो चुका है। भारत में देसी चना पर 11 प्रतिशत का आयात शुल्क भी लगा दिया गया है।
