ऑस्ट्रेलिया से जौ तथा ज्वार का निर्यात सामान्य
11-Feb-2025 04:54 PM
सिडनी । हालांकि चीन के विशाल बाजार में अमरीका के सापेक्ष ऑस्ट्रेलिया के जौ एवं ज्वार की भागीदारी घटती जा रही है फिर भी इसको कम करके नहीं आंका जा सकता है क्योंकि वह उसका सबसे प्रमुख खरीदार बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया से फीड श्रेणी और माल्ट श्रेणी- दो किस्मों के जौ का निर्यात होता है।
ऑस्ट्रेलियाई संख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 11,85,300 टन फीड जौ तथा 4,48,210 टन माल्ट जौ का निर्यात हुआ।
फीड जौ का सर्वाधिक निर्यात चीन को 8,86,410 टन का हुआ जबकि जापान के करीब 74 हजार टन, सऊदी अरब को 1.50 लाख टन तथा पेरू को 21 हजार टन का शिपमेंट किया गया।
माल्ट श्रेणी के जौ के आयात में भी चीन सबसे आगे रहा जहां आलोच्य तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 327443 टन माल्ट जौ मंगाया गया। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से सऊदी अरब को 46411 टन, जापान को 22 हजार टन तथा वियतनाम को 37 हजार टन का निर्यात किया गया।
ज्वार का निर्यात ऑस्ट्रेलिया से अक्टूबर 2024 में बढ़कर 1.80 लाख टन पर पहुंचा था जो नवम्बर में घटकर 34 हजार टन पर अटक गया मगर दिसम्बर में कुछ सुधरकर 46 हजार टन पर पहुंचा था जो नवम्बर में घटकर 34 हजार टन पर अटक गया मगर दिसम्बर में कुछ सुधरकर 46 हजार टन पर पहुंचा।
इस तरह अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कुल करीब 2.60 लाख टन ज्वार का निर्यात हुआ जिसमें अकेले चीन को 2.16 लाख टन से अधिक का शिपमेंट किया गया। इसके अलावा केन्या को 29 हजार टन तथा ताइवान को 10 हजार टन ज्वार की खेप भेजी गई।
व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि अमरीकी आयात शुल्क से बचने के लिए चीन अमरीका से भारी मात्रा में कृषि उत्पादों की खरीद का करार कर सकता है जिसमें जौ और ज्वार भी शामिल हो सकता है।
यदि ऐसा कोई करार हुआ तो ऑस्ट्रेलिया को इसका सीधा नुकसान हो सकता है। चीन की विशाल मांग के कारण ही ऑस्ट्रेलिया में वर्ष दर वर्ष इन मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ता रहा है।
