ऑस्ट्रेलिया से मसूर एवं देसी चना के निर्यात में मिश्रित रुख

04-Jul-2025 06:20 PM

ब्रिसबेन। देसी चना के सबसे प्रमुख तथा मसूर के दूसरे सबसे बड़े निर्यातक देश- ऑस्ट्रेलिया से 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान इन दोनों दलहनों के निर्यात में मिश्रित रुख देखा जा रहा है। एक तरफ मसूर के निर्यात में गिरावट आई है तो दूसरे और चना का शिपमेंट तेजी से बढ़ा है। 

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलिया से मसूर का निर्यात अप्रैल 2025 के 39,719 टन से बढ़कर मई 2025 में 49,708 टन पर पहुंचा लेकिन चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती सात महीनों में यह काफी पीछे रह गया।

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक नवम्बर 2024 से मई 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कुल 8,08,348 टन मसूर का निर्यात हुआ जबकि नवम्बर 2023 से मई 2024 के सात महीनों में 9,72,941 टन का शिपमेंट हुआ था।

मई 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से बांग्ला देश को सर्वाधिक 27,938 टन मसूर का निर्यात किया गया जबकि श्रीलंका को 14,896 टन तथा भारत को 3515 टन का शिपमेंट हुआ। ये तीन देश ऑस्ट्रेलियाई मसूर की सबसे प्रमुख खरीदार रहे। 

जहां तक देसी चना का सवाल है तो लम्बे अरसे के बाद भारत ऑस्ट्रेलियाई चना के तीन शीर्ष आयातक देशों की सूची से बाहर हो गया। एबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रलिया से अप्रैल में 11,195 टन चना का निर्यात हुआ था जो मई में सुधरकर 13,674 टन पर पहुंच गया।

मई 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान को 9420 टन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 1417 टन तथा कनाडा को 1171 टन चना का निर्यात हुआ। ये तीन देश इसके प्रमुख आयातक रहे। 

ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार नवम्बर 2024 से मई 2025 के साथ महीनों के दौरान ऑस्ट्रेलिया से चना का निर्यात बढ़कर 18,53,798 टन पर पहुंच गया जो नवम्बर 2023-मई 2024 के कुल शिपमेंट से काफी अधिक रहा।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने मई 2024 में चना के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया था और उसके बाद से यहां इसका आयात अत्यन्त तेजी से बढ़ने लगा।

लेकिन अप्रैल 2025 में चना पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया गया और घरेलू बाजार भाव भी घटकर कुछ नीचे आ गया इसलिए चना के आयात में भारतीय खरीदारों की दिलचस्पी काफी घट गई।